महाकाल मंदिर मार्ग पर फिर चला बुलडोजर, बेगमबाग में 15 निर्माण ढहाए; 48 भूखंडों से जुड़े 106 निर्माणों पर कार्रवाई जारी

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पहुंच मार्ग से लगे बेगमबाग क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बार फिर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई। उज्जैन विकास प्राधिकरण की जमीन पर बने करीब 15 निर्माणों को बुलडोजर से हटाया गया। प्रशासन की यह कार्रवाई सुबह 8 बजे शुरू हुई। मौके पर किसी तरह का विरोध या प्रदर्शन नहीं हुआ।
बेगमबाग क्षेत्र महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील माना जाता है। कार्रवाई को देखते हुए श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही के लिए संबंधित मार्ग को बंद रखा गया है। लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
आवासीय उपयोग के लिए मिली थी जमीन, व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दीं
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगमबाग क्षेत्र के 48 भूखंडों को 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया था। प्रत्येक भूखंड का क्षेत्रफल करीब 2400 वर्गफीट बताया गया है।
आरोप है कि भूखंड धारकों ने निर्धारित आवासीय उपयोग के बजाय इन जमीनों का व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू कर दिया। बाद में मूल भूखंडों को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर बड़ी संख्या में निर्माण कर दिए गए।
वर्ष 2014-15 में इन भूखंडों की लीज अवधि समाप्त हो गई। इसके बाद उज्जैन विकास प्राधिकरण की ओर से संबंधित भूखंड धारकों को नोटिस जारी किए गए। वर्ष 2023-24 में प्राधिकरण ने लीज समाप्त करने की कार्रवाई की, जिसके बाद संबंधित लोग न्यायालय चले गए।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, स्टे हटने के बाद कार्रवाई
भूखंड धारकों ने अलग-अलग न्यायालयों में कार्रवाई के खिलाफ राहत की मांग की थी। प्रकरणों में मिले स्थगन आदेश बाद में समाप्त या खारिज होने के बाद प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
प्राधिकरण के अनुसार पहले भी इसी क्षेत्र में अलग-अलग चरणों में करीब 72 निर्माण हटाए जा चुके हैं। अब तक 106 में से 86 निर्माणों को जमींदोज किए जाने की जानकारी सामने आई है। शेष 20 निर्माणों पर भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
48 भूखंडों से बने 106 निर्माण
इस पूरे मामले में खास बात यह है कि मूल रूप से 48 भूखंड ही आवंटित किए गए थे, लेकिन इनका विभाजन कर करीब 106 अलग-अलग निर्माण खड़े कर दिए गए। प्राधिकरण का कहना है कि इन निर्माणों में कई का इस्तेमाल निर्धारित आवासीय उद्देश्य के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
आज की कार्रवाई में जिन निर्माणों को हटाया जा रहा है, वे शकिला बी, मेहरूनिशा, इरशाद, बाब मलंग शाह, नजमा बी, फरीजा बी, जावेद खान, शमीम बी, अफसाना बी, मो. रईस खान, इशरत जहां, डॉ. महबूब खान, हफीजुरहमान, जाकिर भाई और मो. सब्बीर से संबंधित बताए गए हैं।
सिंहस्थ 2028 के लिए प्रस्तावित है ब्रिज
उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप कुमार सोनी के अनुसार न्यायालय से स्थगन हटने के बाद कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि भूखंड आवासीय उपयोग के लिए दिए गए थे, लेकिन उनका व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा लीज अवधि समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण भी नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में कार्रवाई चल रही है, वहां सिंहस्थ 2028 को देखते हुए ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है। इसी कारण क्षेत्र को अतिक्रमण और अवैध निर्माण से मुक्त कराने की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



