अपराधियों पर पुलिस का बड़ा प्रहार: लूट गैंग के 7 सदस्य गिरफ्तार, 47 मोबाइल और 3 बाइक बरामद; चाकूबाजों से लेकर चोरी के आरोपियों तक पर कार्रवाई

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // बिलासपुर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई करते हुए लूट, चोरी, चाकूबाजी और मारपीट के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। सबसे बड़ी कार्रवाई सरकंडा पुलिस ने की है, जिसने बाईपास सड़कों पर राहगीरों को घेरकर चाकू और बेल्ट से मारपीट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक अपचारी बालक समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 47 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिल, 3 चाकू और लूट में इस्तेमाल बेल्ट सहित बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ है।
इधर तारबाहर पुलिस ने घर में घुसकर पड़ोसी दंपती से मारपीट और धमकी देने वाले निगरानी बदमाश और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। इसी थाना क्षेत्र में रात के समय चाकू लेकर घूम रहे युवक को भी पकड़ा गया। तोरवा पुलिस ने आदतन बदमाशों पर शिकंजा कसने के साथ रेलवे स्टेशन के पास राहगीरों को चाकू दिखाकर डराने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। मोपका में सूने मकान से करीब 85 हजार रुपए की चोरी के मामले में एक आरोपी पुलिस के हाथ लगा है।
यानी पिछले कुछ घंटों में हुई इन कार्रवाइयों में पुलिस ने अपराध के अलग-अलग रूपों पर एक साथ प्रहार किया है।
बाईपास बना था लुटेरों का निशाना, राहगीरों को रोककर करते थे वारदात
सरकंडा पुलिस की कार्रवाई ने शहर में सक्रिय उस गिरोह की तस्वीर सामने ला दी है, जो सुनसान बाईपास मार्गों को वारदात के लिए चुन रहा था। सेंदरी-मोपका और बैमा-नगोई बाईपास पर राहगीरों को रोककर पहले डराया जाता, विरोध करने पर बेल्ट और चाकू से हमला किया जाता और फिर मोबाइल व अन्य सामान लूट लिया जाता था।
पुलिस के सामने ऐसी कई घटनाएं आने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। इसी दौरान पुलिस को गिरोह के सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। एक-एक कर संदिग्धों तक पहुंचने के बाद पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में 16 अगस्त की रात बैमा-नगोई बाईपास पर टिकेश्वर मिश्रा से मारपीट कर मोबाइल और बैग लूटने की घटना सामने आई। इसी रात सेंदरी-मोपका बाईपास पर अभिनव शास्त्री और नितेश यादव को चाकू दिखाकर लूटे जाने की जानकारी भी सामने आई। इससे पहले 11 अगस्त को हिमांशु सिंह को रास्ते में रोककर उसके मोबाइल और नगदी लूटने की शिकायत मिली थी।
47 मोबाइल देखकर पुलिस भी रह गई हैरान
गिरोह से बरामद सामान इस बात की ओर इशारा करता है कि आरोपी एक-दो वारदात तक सीमित नहीं थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 47 स्मार्ट मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिल, 3 धारदार चाकू, बेल्ट, कॉलेज बैग, पासबुक, एटीएम कार्ड, अन्य दस्तावेज और नगद रकम बरामद की है।
आरोपी अनिश सूर्यवंशी उर्फ जादू के कब्जे से चाकू मिलने पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में चन्द्रभान साहू उर्फ नानू, अनिश सूर्यवंशी उर्फ जादू, अजय कुमार लोहार उर्फ जय उर्फ महेश विश्वकर्मा, करन सारथी, जानवीर सूर्यवंशी उर्फ जानी, लक्की विश्वकर्मा और आदिल अहमद शामिल हैं। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।
न्यायालय के आदेश पर अपचारी बालक को बाल संप्रेक्षण गृह और अन्य आरोपियों को केंद्रीय जेल बिलासपुर भेजा गया है।
तारबाहर में पड़ोसी के घर घुसा निगरानी बदमाश, पत्नी भी बनी आरोपी
तारबाहर इलाके में विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक निगरानी बदमाश शराब के नशे में पड़ोसी के घर पहुंच गया। आरोप है कि उसने घर में मौजूद महिला के साथ मारपीट की और उसका गला दबाने के साथ हाथ भी मरोड़ दिया।
महिला ने अपने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी। पति के घर पहुंचने पर आरोपी से विवाद हुआ और आरोप है कि उसने उसके साथ भी मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान आरोपी की पत्नी भी वहां पहुंच गई और उसने भी कथित तौर पर मारपीट में साथ दिया।
शिकायत के बाद तारबाहर पुलिस ने किशन आडिल और उसकी पत्नी रानी आडिल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
रात की गश्त में जेब से निकला बटनदार चाकू
तारबाहर पुलिस की रात्रि गश्त के दौरान बंगला यार्ड पानी टंकी के पास एक युवक संदिग्ध अवस्था में मिला। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि युवक के पास धारदार चाकू है।

घेराबंदी कर पकड़े गए युवक की तलाशी लेने पर उसकी पेंट की जेब से स्टील का बटनदार चाकू बरामद हुआ। आरोपी की पहचान अरमान खान, उम्र 20 वर्ष, निवासी करबला के रूप में हुई। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
85 हजार की चोरी में ‘बाहर खड़े होकर निगरानी’ करने वाला आरोपी गिरफ्तार
मोपका में सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 85 हजार रुपए के जेवर और नगदी चोरी करने के मामले में पुलिस ने मोहित ध्रुव को गिरफ्तार किया है। हालांकि, वारदात का मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पूछताछ में मोहित ने पुलिस को बताया कि चोरी के दौरान उसे घर के बाहर खड़े होकर आने-जाने वालों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बदले उसे 15 हजार रुपए मिले थे, जिसमें से 14 हजार रुपए खर्च हो चुके थे। पुलिस ने उसके पास से 1000 रुपए बरामद किए हैं।

चोरी का बाकी सामान और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
आदतन बदमाशों का रिकॉर्ड खंगाला तो खुली पुरानी फाइलें
तोरवा पुलिस ने रात में संदिग्ध गतिविधियों में घूम रहे लोगों पर कार्रवाई के दौरान जब रिकॉर्ड खंगाला तो दो युवकों के खिलाफ पुराने आपराधिक मामले सामने आए। पुलिस के अनुसार रितेश पांडेय के खिलाफ 8 और धीरज रजक के खिलाफ 2 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
दोनों के साथ मौजूद तीन महिलाओं पर भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। सभी को सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
रेलवे स्टेशन के पास चाकू लहराकर राहगीरों को डराने वाला युवक पकड़ा

तोरवा पुलिस ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी कार्रवाई करते हुए राहगीरों को चाकू दिखाकर डराने वाले विकास वैष्णव, उम्र 19 वर्ष, को गिरफ्तार किया। उसके पास से धारदार चाकू बरामद हुआ। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
एक ही दिन में कई मोर्चों पर कार्रवाई, पुलिस की रणनीति साफ
बिलासपुर पुलिस की इन कार्रवाइयों को सिर्फ अलग-अलग मामलों की गिरफ्तारी के तौर पर नहीं देखा जा सकता। एक तरफ बाईपास पर सक्रिय लूट गिरोह को पकड़कर बड़ी मात्रा में चोरी-लूट का सामान बरामद किया गया, तो दूसरी ओर हथियार लेकर घूमने वालों पर कार्रवाई की गई। पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों पर निगरानी बढ़ाई गई और चोरी के मामले में फरार आरोपी तक पहुंचने की कोशिश तेज की गई।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार तथा संबंधित थाना प्रभारियों के नेतृत्व में ये कार्रवाई की गई।
सरकंडा की बड़ी कार्रवाई में निरीक्षक प्रदीप आर्य, उपनिरीक्षक ओमप्रकाश कुर्रे, सहायक उपनिरीक्षक मानिक लाल लहरे, प्रधान आरक्षक बलवीर सिंह, मोहन मुरली राठौर, रविन्द्र मिश्रा तथा आरक्षक संजीव जांगड़े और विवेक राय की विशेष भूमिका रही।

तारबाहर और तोरवा पुलिस की कार्रवाई में भी संबंधित पुलिस टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि बाईपास की सुनसान सड़कों पर लूट हो या शहर की गलियों में चाकूबाजी—अपराधियों पर निगरानी और कार्रवाई दोनों साथ-साथ चल रही है।



