पत्नी को पढ़ाने के लिए बंद की दुकान, मेहनत की कमाई से बनाया शिक्षिका; नौकरी लगते ही पत्नी ने साथ रहने से किया इनकार

छतरपुर ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश के छतरपुर से पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कुछ साल पहले चर्चित हुए ज्योति मौर्य प्रकरण की याद ताजा कर दी है। पति का आरोप है कि उसने पत्नी को पढ़ाने और उसे नौकरी दिलाने के लिए अपनी दुकान तक बंद कर दी, बच्चों की देखभाल की और अपनी मेहनत की कमाई से पत्नी की पढ़ाई पूरी कराई। पत्नी के शिक्षिका बनने के बाद अब वह उसके साथ रहने से इनकार कर रही है। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट के बाद थाने और अस्पताल तक पहुंच गया।
नौ साल की शादी, तीन बच्चों के बाद बिगड़े रिश्ते
मामला छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। दंपति की शादी को करीब नौ साल हो चुके हैं और उनके दो बेटियां व एक बेटा है। पति महोबा में कपड़ों का शोरूम चलाता था। उसके मुताबिक कोरोना काल में कारोबार को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद पत्नी के कहने पर उसने शोरूम बंद कर दिया और घर पर रहकर बच्चों की देखभाल करने लगा।
पति का कहना है कि इसके साथ ही उसने घर में जमा रकम और अपनी मेहनत की कमाई पत्नी की पढ़ाई में लगा दी। उसका दावा है कि पत्नी को पढ़ाने में उसने हरसंभव सहयोग किया, ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके।
नौकरी लगने के बाद पत्नी के बदले तेवर, पति का आरोप
पति के अनुसार मेहनत रंग लाई और पत्नी की नौकरी शिक्षिका के पद पर लग गई। आरोप है कि नौकरी लगने के बाद पत्नी के व्यवहार में बदलाव आ गया और उसने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया।
पति का कहना है कि उसने पत्नी से साथ रहने और परिवार को आगे साथ लेकर चलने की बात कही, लेकिन विवाद बढ़ गया। इसी दौरान पत्नी और उसके भाई पर उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
मारपीट के बाद अस्पताल पहुंचा पति
मारपीट के बाद पति इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। पति-पत्नी के बीच शुरू हुआ विवाद अब पुलिस थाने और अस्पताल तक पहुंच चुका है।
फिलहाल पति द्वारा लगाए गए आरोपों की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी। पत्नी का पक्ष सामने आने और पुलिस जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह तथा आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।



