‘मिशन 80-95’ पर सख्त एक्शन: कमजोर रिजल्ट वाले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस, दो माह खराब प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई

बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी की समीक्षा बैठक, प्राचार्यों और विषय शिक्षकों को दिए कड़े निर्देश
बालोद (शिखर दर्शन) // बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से संचालित ‘मिशन 80-95’ 2026 के तहत जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय, कचांदुर में अलग-अलग पालियों में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में बोर्ड परीक्षा 2026 में कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों एवं विषय शिक्षकों की विस्तार से समीक्षा की गई।
किन स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षक हुए शामिल
बैठक में बालोद, गुरूर और गुण्डरदेही विकासखंड के उन शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं विषय शिक्षक शामिल हुए, जिनका बोर्ड परीक्षा 2026 में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 65 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 77 प्रतिशत से कम रहा था।
पाठ्यक्रम, मॉनिटरिंग और विद्यार्थियों की प्रगति की हुई समीक्षा
जिला शिक्षा अधिकारी ने बैठक में 10वीं और 12वीं की पाठ्यक्रम योजना, प्राचार्यों द्वारा कक्षाओं के निरीक्षण, शिक्षकों को दिए गए मार्गदर्शन, विद्यालयों में आयोजित समीक्षा बैठकों, कक्षा 9वीं एवं 11वीं के रेड जोन और ऑरेंज जोन के विद्यार्थियों की प्रगति, जुलाई माह के इकाईवार पाठ्यक्रम पूर्णता तथा मासिक परीक्षा की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की।
वार्षिक कार्ययोजना और गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर
बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक एवं मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन, पाठ्यक्रम एवं पाठ योजना निर्माण तथा परिशिष्ट-1, 2, 3 और 4 के विभिन्न मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
हर दिन दो कक्षाओं का निरीक्षण अनिवार्य
जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए कि परिशिष्ट-02 के अनुसार प्रत्येक प्राचार्य प्रतिदिन कम से कम दो कालखंडों का निरीक्षण करेंगे तथा शिक्षकों को सुधारात्मक सुझाव देंगे। इसी मॉनिटरिंग के आधार पर शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) भी तैयार की जाएगी।
प्राचार्यों की होगी ग्रेडिंग, लगातार खराब प्रदर्शन पर प्रस्ताव भेजा जाएगा
बैठक में बताया गया कि परिशिष्ट-03 के तहत 10 मानकों पर 100 अंकों के आधार पर जिला स्तरीय मॉनिटरिंग टीम प्राचार्यों का मूल्यांकन करेगी। वहीं परिशिष्ट-04 के अनुसार प्राचार्यों की ग्रेडिंग इस प्रकार होगी—
- ग्रेड A: 80 से 100 अंक
- ग्रेड B: 60 से 79 अंक
- ग्रेड C: 50 से 59 अंक
- ग्रेड D: 50 से कम अंक
यदि कोई प्राचार्य लगातार दो माह तक ग्रेड C या D में रहता है, तो जिला मॉनिटरिंग टीम आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर राज्य कार्यालय को कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजेगी।
हर मासिक परीक्षा के बाद पालक-शिक्षक बैठक होगी अनिवार्य
जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मासिक मूल्यांकन के बाद विद्यालयों में अनिवार्य रूप से पालक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित की जाए, ताकि विद्यार्थियों की प्रगति पर अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित हो सके।
कमजोर परिणाम वाले शिक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश
बैठक में पिछले वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में कमजोर परिणाम देने वाले विषय शिक्षकों को अनिवार्य रूप से कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यदि संबंधित शिक्षकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नवाचार और बेहतर शिक्षण पद्धति अपनाने पर जोर
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि शैक्षणिक गतिविधियों एवं कार्यवाहियों का नियमित अभिलेखीकरण किया जाए। उन्होंने पीयर लर्निंग, प्रभावी शिक्षक संप्रेषण कौशल तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाकर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और परीक्षा परिणामों में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के सहायक परियोजना समन्वयक आर.आर. क्रिदत्त, सहायक परियोजना समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा परीक्षा विभाग के प्रभारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



