बाल संप्रेक्षण गृह हत्याकांड: दूसरे फरार किशोर की बिहार से गिरफ्तारी, अब धरना भड़काने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में रात्रि चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या कर फरार हुए चार किशोर अपचारियों में से दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पहले प्रयागराज से एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब विशाल चौबे को बिहार की राजधानी पटना से पकड़ लिया गया है। वहीं दो अन्य किशोर अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। दूसरी ओर, इस मामले में मृतक के परिजनों के धरना-प्रदर्शन को कथित रूप से भड़काने वालों की भूमिका भी अब पुलिस जांच के दायरे में आ गई है।
पटना से दूसरी बड़ी गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि वारदात के बाद गठित विशेष पुलिस टीमों को कोरबा, रायगढ़, बिहार, अनूपपुर और उत्तर प्रदेश भेजा गया था। तकनीकी साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी विशाल चौबे को पटना से गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ जारी है, जिससे फरार दो अन्य किशोरों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

11-12 जुलाई की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात
11 और 12 जुलाई की दरमियानी रात नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में पदस्थ सहायक सह रात्रि चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे (42) की हत्या कर चार किशोर अपचारी फरार हो गए थे। सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
परिजनों ने लगाए थे निर्मम हत्या के आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र कुमार खांडे के हाथ-पैर बांधकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद गला दबाकर हत्या की गई और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया, ताकि वे शोर न मचा सकें। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया कि वारदात को बाल संप्रेक्षण गृह में बंद चार किशोरों ने मिलकर अंजाम दिया और इसके बाद सभी फरार हो गए।
अब भी दो आरोपी फरार
अब तक पुलिस दो किशोर अपचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पहले दिनेश राठिया को प्रयागराज से पकड़ा गया था और अब विशाल चौबे की गिरफ्तारी हुई है। शेष दो आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
धरना-प्रदर्शन को लेकर पुलिस का बड़ा बयान
बिलासपुर पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि घटना के बाद कुछ लोग मृतक के परिजनों से संपर्क कर उन्हें ऐसी मांगों और आश्वासनों के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जिनका विधिक प्रावधानों में कोई आधार नहीं है। पुलिस के अनुसार ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच में कुछ ऐसे व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनके विरुद्ध पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और जो वर्तमान में जमानत पर हैं। यदि जांच में उनकी भूमिका सामने आती है तो उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रशासन ने परिजनों को दी सहायता
पुलिस और जिला प्रशासन के अनुसार घटना के बाद से ही मृतक के परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। शासन की ओर से मिलने वाली सहायता और मुआवजा संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 18 जुलाई को मृतक की पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और चिकित्सकीय सलाह पर उन्हें सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
निष्पक्ष जांच का दावा
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जा रही है। फरार दो किशोर अपचारियों की गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में अभियान जारी है और उनसे जुड़े प्रत्येक पहलू की गहन जांच की जा रही है। वहीं धरना-प्रदर्शन को प्रभावित करने के आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है।
नोट: धरना-प्रदर्शन को प्रभावित करने संबंधी बातें बिलासपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन दावों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।



