कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट पर ‘मीट घोटाले’ के आरोप, ईओडब्ल्यू तक पहुंची शिकायत

ग्वालियर ( शिखर दर्शन ) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट चीता प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों के लिए बकरा, पाड़ा और मांस की आपूर्ति के नाम पर करोड़ों रुपये के सरकारी धन में अनियमितता किए जाने की शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) तक पहुंची है। शिकायत में बिना निविदा खरीद, फर्जी वजन, मनमाना भुगतान और निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता मोहम्मद चीनी कुरैशी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बिना निविदा खरीद और मनमाने भुगतान का आरोप
शिकायत के अनुसार, सितंबर 2022 में कूनो नेशनल पार्क में चीतों के आने के बाद शुरुआती दौर में बकरा और पाड़ा बिना निविदा प्रक्रिया के खरीदे गए। आरोप है कि आपूर्तिकर्ता को लगभग 700 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान किया गया, जबकि वास्तविक वजन और खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। शिकायतकर्ता का दावा है कि फर्जी वजन दिखाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया।
बाद की निविदाओं पर भी उठे सवाल
वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की निविदा प्रक्रियाओं पर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कम दर वाले निविदाकारों को बाहर कर अधिक दर वाले आपूर्तिकर्ता को लाभ पहुंचाया गया। साथ ही प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंची।
अधिकारियों और आपूर्तिकर्ता की मिलीभगत का आरोप
शिकायत में कूनो के एसडीओ और वर्तमान मांस आपूर्तिकर्ता पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि बकरों का वास्तविक वजन कम होने के बावजूद भुगतान के लिए 20 से 30 किलोग्राम तक अधिक वजन दर्शाया गया। इसके अलावा ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया और एक कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों और संबंधित आपूर्तिकर्ता के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा भविष्य में कूनो नेशनल पार्क में बकरा-पाड़ा आपूर्ति की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
जांच के बाद ही होगी आरोपों की पुष्टि
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की सच्चाई आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। कूनो नेशनल पार्क, जिसे विश्व स्तर पर चीता परियोजना के लिए पहचान मिली है, वहां सामने आए इन आरोपों ने परियोजना की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें ईओडब्ल्यू की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।



