नकटी गांव के विस्थापितों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव

80 मकानों पर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन, पुनर्वास सुविधाओं पर उठाए सवाल; कांग्रेस नेताओं ने भी दिया समर्थन
रायपुर (शिखर दर्शन) // राजधानी रायपुर के नकटी गांव में प्रशासन द्वारा 80 मकानों पर की गई कार्रवाई के विरोध में बुधवार को प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने पुनर्वास व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जिन मकानों में बसाया गया है, वहां पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि आवंटित मकान छोटे हैं और परिवार के साथ रहना कठिन है।
कलेक्ट्रेट परिसर में रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था। बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से चर्चा कर उन्हें शांतिपूर्वक अपनी बात रखने की समझाइश दी। कुछ समय तक प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य रही।
पुनर्वास व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रशासन ने वैकल्पिक आवास तो उपलब्ध कराया है, लेकिन वहां पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों ने मांग की कि पुनर्वास स्थलों पर सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा विस्थापित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
प्रदर्शन के दौरान रायपुर जिला कांग्रेस के कई नेता भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित ग्रामीणों के समर्थन में प्रशासन के समक्ष उनकी मांगें उठाईं। कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई और पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की।
कार्रवाई से पहले सांसद से मिले थे ग्रामीण
बताया गया कि कार्रवाई से दो दिन पहले ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी थीं। ग्रामीणों के अनुसार सांसद ने बरसात तक तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होने तथा प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद 29 जून को प्रशासन ने 80 मकानों पर कार्रवाई कर दी, जिसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है।



