16 मई को महाकाल भस्म आरती दर्शन: घर बैठे महादेव का श्रृंगार, हर कण में महाकाल के दर्शन का लें आनंद


उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को, गुरुवार के बिल्कुल सुबह 4 बजे ही मंदिर के प्रांगण में कपाट खोले गए। पहले ही कपाट खोलने पर, भगवान महाकाल का शिवलिंग जल से स्नान किया गया। इसके बाद, दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से तैयार किए गए पंचामृत से उनकी पूजा की गई।
भगवान महाकाल को भांग, चंदन, और आभूषणों से श्रृंगार किया गया। उनके मस्तक पर त्रिपुंड लगाया गया और वे गणेश स्वरूप में श्रृंगारित किए गए। भगवान महाकाल ने रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, और रुद्राक्ष माला धारण की। उन्हें सुगंधित पुष्पों की माला भी पहनाई गई। फल और मिष्ठान का भोग भी चढ़ाया गया।
भस्म आरती के दौरान, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजा का दर्शन किया और पुण्य अर्जित किया। लोग नंदी महाराज के दर्शन कर, उनके कान के पास जाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। इस समय, भक्तों ने महाकाल की जयकारे लगा रहे थे पूरा मंदिर “जय जय श्री महाकाल”, “हर हर महादेव”, “हर हर शंभू”, “ॐ नमः शिवाय”, से गुंजयमान हो रहा था।



