तहसील कार्यालय में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, आरआई रंगे हाथों पकड़ा गया

बिलासपुर// ( शिखर दर्शन ) // बड़ी-बड़ी बातें भले ही की जाती हैं कि हमारे जैसे कोई ईमानदार नहीं है और हम गलत काम नहीं करते हैं, लेकिन आज भी रिश्वत लेने की परंपरा पूरी तरह से कायम है। यही कारण है कि बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता है, चाहे वह एक रुपये की हो या फिर हजारों या लाखों की। आज के समय में एक ट्रेंड सा चल पड़ा है कि बिना पैसों के कोई काम नहीं करना है।
दरअसल, यह घटना बिलासपुर के तहसील कार्यालय की है जहां आज एक रिश्वतखोर आरआई (राजस्व निरीक्षक) संतोष देवांगन को एक लाख रुपये नगद लेते हुए पकड़ा गया है। उसे एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार
जिले का राजस्व विभाग अवैध वसूली और रिश्वतखोरी की भेंट चढ़ता जा रहा है। बिलासपुर के तहसील कार्यालय में आए दिन किसी न किसी कर्मचारी और पटवारी पर पैसे लेने का आरोप लगता आ रहा है। पूर्व में भी यहां के अधिकारियों ने खूब मलाई खाई है और उन पर जांच चल रही है। इसी क्रम में एक बार फिर बिलासपुर तहसील कार्यालय के आरआई को रिश्वत लेते पकड़ा गया है।
शिकायत और गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
आरआई संतोष देवांगन काम करने के एवज में करीब एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। पीड़ित ने इस संबंध में एसीबी में शिकायत की थी। शुक्रवार को पीड़ित पैसे लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा और जैसे ही उसने आरआई को पैसे दिए, एसीबी की टीम ने उसे पैसे लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। अब इस मामले की जांच चल रही है। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
यह घटना एक बार फिर से साबित करती है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार किस कदर व्याप्त है। रिश्वतखोरी और अवैध वसूली के मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है। एसीबी जैसी एजेंसियों की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से ही इस तरह के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है। उम्मीद है कि इस मामले की सही जांच और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी, जिससे अन्य भ्रष्टाचारियों को सबक मिल सके !



