मध्यप्रदेश

वंदे भारत में परोसा गया मारा हुआ कॉकरोच , शिकायत पर रेलवे ने लगाया 45 हजार रुपए का जुर्माना , सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रही वायरल…

जबलपुर/( शिखर दर्शन )// रेलवे की सबसे महंगी और आधुनिक ट्रेन वंदे भारत जिसे विकसित भारत का आईना बताया जा रहा है । यदि इस ट्रेन में अव्यवस्था मिले तो फिर क्या कहा जा सकता है ? वंदे भारत में सफर कर रहे यात्री की शिकायत पर रेलवे ने 20 हजार रूपए और आईआरसीटीसी ने 25 हजार का जुर्माना लगाया है । सीनियर एडिशनल विश्व रंजन ने बताया कि इस मामले की शिकायत उनके पास आई थी । जिसके बाद उन्होंने वेंडर पर 20 हजार और आईआरसीटीसी ने 25 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है ।साथ ही साथ उन्हें यह भी हिदायत दी गई है कि इस तरह की गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए वरना उनके खिलाफ फिर कानूनी कार्यवाही की जाएगी ।

सीनियर एडिशनल विश्व रंजन ने बताया कि इस बात को लेकर वह स्वयं लगातार ट्रेनों और स्टेशनों का दौरा भी कर रहे हैं । और अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं कि सभी ट्रेनों के पेंट्रीकार में लगातार निरीक्षण करते रहें जिससे कि इस तरह की गलतियां भविष्य में दोबारा ना हो ।

बताया जा रहा है कि शहडोल जिले के रहने वाले डॉक्टर शुभेंदु केसरी ने जबलपुर डीआरएम से एक शिकायत की है । जिसमे उन्होंने वंदे भारत ट्रेन में सफर करने के दौरान खाना ऑर्डर किया था , लेकिन उनके खाने में एक मरा हुआ कॉकरोच निकला । जिसकी शिकायत उन्होंने रेलवे के स्टाफ से की तो उन्हें दूसरा खाना देने की बात की गई । लेकिन जब उन्होंने आईआरसीटीसी के अधिकारियों से बात करनी चाहिए तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला । इसके बाद उन्होंने जबलपुर के डीआरएम ऑफिस में इसकी शिकायत कर दी है ।

रानी कमलापति से जबलपुर के बीच कर रहे थे सफर :

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जेजे हॉस्पिटल में एमडी एनेस्थीसिया के पद पर पदस्थ डॉक्टर शुभेंदु केसरी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से जबलपुर के लिए वंदे भारत ट्रेन से सफर कर रहे थे । इसी दौरान उन्होंने नरसिंहपुर स्टेशन आते-आते खाना ऑर्डर किया लेकिन उन्होंने जैसे ही खाने का पैकेट खोला तो उसमें उन्हें मरा हुआ कॉकरोच मिला जिसकी शिकायत उन्होंने रेलवे के स्टाफ से की तो उन्हें दूसरा खाना देने की बात की । लेकिन जब उन्होंने शिकायत करने की बात की तो उन्हें पैसे देने का भी लालच दिया गया । इतना ही नहीं वेंडर के स्टाफ ने उन्हें शिकायत करने से भी रोका । लेकिन उन्होंने एक जिम्मेदार नागरिक की तरह बाकायदा इसकी लिखित शिकायत की ताकि किसी और के साथ इस तरह की लापरवाही ना हो सके ।

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