बारिश से धान और सब्जियों की फसलों को नुकसान, किसानों को मिलेगा मुआवजा; मंत्री टंकराम वर्मा ने बताई प्रक्रिया

अनावरी रिपोर्ट के आधार पर होगा फसल क्षति का आकलन, पात्र किसानों को फसल बीमा योजना और आरबीसी 6-4 के तहत मिलेगी राहत; पटवारियों की हड़ताल पर भी जताई नाराजगी
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण धान सहित सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरों के बीच किसानों के लिए राहत की बात सामने आई है। आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का आकलन अनावरी रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। आकलन के बाद नियमानुसार पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जाएगा।
मंत्री वर्मा के अनुसार, प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और हवा के कारण धान की फसल प्रभावित हुई है। ऐसे क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार राहत देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने प्रदेश में अब तक 44 प्रतिशत बारिश होने की जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल इसे लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह संबंधित क्षेत्रों में हुए नुकसान के आकलन और पात्रता के निर्धारण के बाद स्पष्ट होगा।
पटवारियों की हड़ताल पर मंत्री ने जताई नाराजगी
प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल को लेकर भी मंत्री टंकराम वर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हजारों पटवारी पिछले 15 दिनों से हड़ताल पर हैं। मंत्री के मुताबिक, पटवारियों ने अपनी मांगों और समस्याओं को सरकार के सामने रखने के बजाय आवेदन भेजकर हड़ताल का रास्ता अपनाया। उनका कहना था कि हड़ताल पर जाने से पहले सरकार के साथ बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए था।
गिरदावरी का काम प्रभावित होने की आशंका
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में धान खरीदी के लिए गिरदावरी का महत्वपूर्ण समय चल रहा है। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल से राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका है। गिरदावरी के माध्यम से खेतों, कृषि भूमि और फसलों से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाती है, जो धान खरीदी सहित विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
किसानों के लिए जरूरी बात: फसल नुकसान होने पर संबंधित किसान को अपनी फसल बीमा योजना की शर्तों के अनुसार बीमा कंपनी या संबंधित विभाग को समय पर सूचना देनी चाहिए। मुआवजे की पात्रता और राशि नुकसान के आकलन तथा लागू नियमों के आधार पर तय होगी।



