दुर्ग संभाग

स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, मरीजों को मिलेगी राहत

राजनांदगांव ( शिखर दर्शन ) // मेडिकल कॉलेज अस्पताल से जुड़े जूनियर डॉक्टरों ने करीब पखवाड़ेभर से चली आ रही हड़ताल खत्म कर दी है। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जूनियर चिकित्सकों ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई और उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। इसके बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है।

पखवाड़ेभर से चल रही थी हड़ताल

जूनियर डॉक्टर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर करीब 15 दिनों से हड़ताल पर थे। जूनियर चिकित्सकों के काम से दूर रहने के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ा। दूर-दराज के इलाकों से उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मरीजों को समय पर इलाज मिलने में हुई परेशानी

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में दिक्कतें आईं। ओपीडी समेत कई स्वास्थ्य सेवाओं पर काम का दबाव बढ़ गया था। अस्पताल प्रबंधन भी हड़ताल के कारण उत्पन्न स्थिति से वाकिफ था और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।

सीनियर डॉक्टरों पर बढ़ा अतिरिक्त दबाव

जूनियर चिकित्सकों की अनुपस्थिति का असर सीनियर डॉक्टरों पर भी पड़ा। मरीजों की संख्या के मुकाबले चिकित्सकों पर काम का दबाव बढ़ गया था। ओपीडी से लेकर अन्य चिकित्सा सेवाओं को सुचारू रखने के लिए सीनियर चिकित्सकों को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही थी।

स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद बनी सहमति

अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ रहे असर को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीती रात जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की। बैठक में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उचित निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।

हड़ताल खत्म होने के बाद अब मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने और मरीजों को पहले की तरह उपचार मिलने की उम्मीद है।

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