एंटी पेपर लीक बिल को संसद की मंजूरी ! लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास, विपक्ष के वॉकआउट के बीच ध्वनिमत से हुआ पारित

परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, विपक्ष ने गृह मंत्री की गैरमौजूदगी पर जताया विरोध
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल जैसे मामलों पर रोक लगाने की दिशा में केंद्र सरकार को बड़ी सफलता मिली है। लोकसभा से पारित होने के एक दिन बाद एंटी पेपर लीक बिल गुरुवार को राज्यसभा से भी ध्वनिमत से पारित हो गया। अब संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में विधेयक पेश किया। चर्चा के दौरान विपक्ष के कुछ सदस्यों ने विधेयक की विभिन्न धाराओं में संशोधन के नोटिस दिए थे। हालांकि मतदान के समय कई सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे। वहीं, सदस्यों पी. विल्सन और तिरुचि शिवा द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव सदन में स्वीकार नहीं किए गए और ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया गया।
विपक्ष ने किया वॉकआउट
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर आपत्ति जताई। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष को उम्मीद थी कि चर्चा के समापन से पहले गृह मंत्री सदन में उपस्थित होकर जवाब देंगे। इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने “गृह मंत्री सदन में आओ” के नारे लगाए और सदन से वॉकआउट कर दिया।
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर साधा निशाना
विपक्ष के वॉकआउट पर राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी पक्षों की बातें गंभीरता से सुनीं, लेकिन जवाब सुनने से पहले ही विपक्ष का सदन छोड़कर चले जाना गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार रहती है और विपक्ष का यह रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून
लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद अब एंटी पेपर लीक बिल राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा। सरकार का कहना है कि नए कानून से पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और संगठित परीक्षा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा तथा युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।



