मध्यप्रदेश
दसवीं-बारहवीं की पढ़ाई हुई महंगी: माध्यमिक शिक्षा मंडल की नई प्रवेश नीति लागू, बढ़े फीस और नियम सख्त

परीक्षा शुल्क से लेकर नामांकन तक बढ़ोतरी, 15 मई से भरेंगे फार्म; गलत प्रवेश पर प्राचार्य पर जुर्माना
भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश में बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों पर अब आर्थिक बोझ बढ़ने जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नई प्रवेश नीति जारी कर दी है, जिसमें 10वीं और 12वीं के परीक्षा शुल्क, नामांकन फीस सहित कई शुल्कों में वृद्धि की गई है। नई व्यवस्था के तहत परीक्षा फार्म 15 मई से भरे जाएंगे।
परीक्षा और नामांकन शुल्क में बढ़ोतरी
नई नीति के अनुसार:
- नियमित छात्रों का परीक्षा शुल्क 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपए किया गया
- स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए 1600 रुपए शुल्क तय
- कक्षा 9वीं का नामांकन शुल्क 350 से बढ़ाकर 500 रुपए
- 10 साल पुरानी अंकसूची की प्रति का शुल्क 600 से बढ़ाकर 1000 रुपए
D.El.Ed और स्कूल संबद्धता शुल्क भी बढ़ा
- डीएलएड के नियमित विद्यार्थियों के लिए सभी विषयों का शुल्क 7000 रुपए
- दूसरे अवसर के लिए विषय अनुसार 3000 से 7000 रुपए
- स्कूल संबद्धता शुल्क:
- 10वीं तक सरकारी स्कूल: 20,000 रुपए
- 10वीं तक निजी स्कूल: 22,000 रुपए
- 12वीं तक सरकारी स्कूल: 27,000 रुपए
- 12वीं तक निजी स्कूल: 30,000 रुपए
नियम सख्त, प्राचार्य पर जुर्माने का प्रावधान
नई नीति में नियमों को और कड़ा किया गया है।
- गलत तरीके से प्रवेश देने पर प्राचार्य पर 5000 रुपए जुर्माना
- यह राशि छात्र से वसूल नहीं की जाएगी
- 10वीं में लागू बेस्ट ऑफ फाइव सिस्टम समाप्त
- अब सभी विषयों के अंक अनिवार्य रूप से जोड़े जाएंगे
फार्म भरने की तिथि और नई व्यवस्था
- कक्षा 9वीं नामांकन: 15 मई से 30 सितंबर
- 10वीं-12वीं परीक्षा फार्म: 15 मई से 15 सितंबर
- आवेदन में अपार आईडी अनिवार्य
- फार्म भरने के 7 दिन बाद डमी एडमिट कार्ड जारी
- प्राचार्य द्वारा छात्रों व अभिभावकों से जानकारी सत्यापित कराना अनिवार्य
नई नीति से जहां शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन लाने की कोशिश की गई है, वहीं फीस वृद्धि के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।



