पश्चिम बंगाल में गरजे CM डॉ. मोहन यादव: ममता अब ‘दीदी’ नहीं, ‘अप्पी’ हो गई हैं, BJP के लिए मांगे वोट

बांकुरा रैली में कांग्रेस-वाम और ममता सरकार पर साधा निशाना, भाजपा की जीत का किया दावा
बांकुरा/भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में आयोजित सभा में जोरदार चुनावी हुंकार भरी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगते हुए राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांकुरा की धरती महान विभूतियों की रही है और आज यहां चुनाव का शंखनाद हो रहा है। उन्होंने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि “ममता अब दीदी नहीं, ‘अप्पी’ हो गई हैं” और उनके शासन में आम जनता परेशान है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है और भाजपा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र पर आगे बढ़ रही है।
‘यह चुनाव नहीं, धर्मयुद्ध है’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरोप लगाया कि ममता सरकार बंगाल के लोगों के अधिकारों से समझौता कर रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जनता परेशान है, इसलिए यह चुनाव केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि “धर्मयुद्ध” बन गया है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में युवा, किसान, महिलाएं और गरीब वर्ग बदलाव के लिए तैयार हैं और भाजपा को सत्ता में लाने का मन बना चुके हैं।
भाजपा की जीत का किया दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के उत्साह को देखकर स्पष्ट है कि भाजपा की जीत तय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं से गरीबों को पक्का मकान, राशन और आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
पूर्व सरकारों पर भी साधा निशाना
डॉ. यादव ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने कभी एससी-एसटी वर्ग को उचित महत्व नहीं दिया। उन्होंने विभिन्न घोटालों और प्रशासनिक विफलताओं का हवाला देते हुए कहा कि अब जनता “हिसाब चुकता” करने के मूड में है।
राहुल गांधी पर भी अप्रत्यक्ष हमला
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं, जबकि भाजपा राष्ट्रहित में कार्य कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर भाजपा के पक्ष में मतदान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने अंत में विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल में भी जल्द “कमल खिलेगा” और राज्य विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा।




