टूथपेस्ट में मौजूद SLS से बढ़ सकती है मुंह की जलन और छालों की समस्या, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

टूथपेस्ट में इस्तेमाल होने वाला सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS) एक सामान्य फोम बनाने वाला तत्व है, जो ब्रश करते समय झाग उत्पन्न करता है। हालांकि, हाल के वर्षों में यह पाया गया है कि SLS कुछ लोगों में मुंह से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। विशेष रूप से संवेदनशील मसूड़ों या नाजुक मौखिक ऊतकों वाले व्यक्तियों में इसके दुष्प्रभाव अधिक देखे गए हैं।
छालों की बढ़ती समस्या से जुड़ा SLS
विशेषज्ञों के अनुसार, SLS का संबंध बार-बार होने वाले मुंह के छालों (कैंकर सोर्स) की आवृत्ति और दर्द की तीव्रता में वृद्धि से जोड़ा गया है। जिन लोगों को पहले से ही बार-बार छाले होने की शिकायत रहती है, उनमें SLS युक्त टूथपेस्ट लक्षणों को और बढ़ा सकता है।
मुंह की अंदरूनी परत में जलन और छिलना
SLS मुंह की अंदरूनी परत में जलन, सूजन और कभी-कभी ऊपरी परत के छिलने (डेस्क्वामेशन) का कारण बन सकता है। इससे ब्रश करने के बाद जलन या असहजता महसूस हो सकती है।
मुंह का सूखापन और संवेदनशीलता
यह तत्व प्राकृतिक नमी को कम कर सकता है, जिससे मुंह में सूखापन बढ़ सकता है। सूखापन के कारण जीभ और मसूड़ों में संवेदनशीलता, जलन या हल्की सूजन भी हो सकती है।
कैंसर से कोई संबंध नहीं
पुराने और भ्रामक दावों के विपरीत, SLS को कैंसरकारी तत्व नहीं माना जाता है। विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि यह कैंसर का कारण नहीं है।
क्या करें ?
यदि आपको बार-बार मुंह के छाले, मसूड़ों में जलन या सूखापन की समस्या रहती है, तो SLS-मुक्त टूथपेस्ट का चयन करना लाभकारी हो सकता है। साथ ही, उत्पाद में SLS की मात्रा भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि अधिक सांद्रता या लंबे समय तक उपयोग से दुष्प्रभाव बढ़ सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि समस्या लगातार बनी रहे तो दंत चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।



