बसंत पंचमी पर भोजशाला में पूजा और नमाज साथ-साथ, अलग समय और व्यवस्था

धार ( शिखर दर्शन ) //
बसंत पंचमी के अवसर पर धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में आज पूजा और नमाज दोनों एक साथ संपन्न होंगी। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के तहत दोनों समुदायों को अलग-अलग समय और स्थान पर धार्मिक गतिविधियां करने की अनुमति दी गई है।
न्यायालय के निर्देशानुसार हिंदू समाज सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा कर सकेगा, जबकि मुस्लिम समाज को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है। पूजा और नमाज के लिए अलग-अलग स्थान, प्रवेश और निकास की व्यवस्था की गई है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। धार शहर में स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के आठ हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में ड्रोन और एआई आधारित निगरानी की जा रही है, वहीं 300 मीटर के दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। दोनों समुदायों के लिए विशेष पास व्यवस्था भी लागू की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दोनों पक्षों से आपसी सम्मान, संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।



