व्यापार

शेयर बाजार में भारी कोहराम: निवेशकों के ₹10.12 लाख करोड़ डूबे, सेंसेक्स–निफ्टी बुरी तरह फिसले

भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली, एक दिन में ₹10.12 लाख करोड़ डूबे
सेंसेक्स 1065 अंक लुढ़का, निफ्टी 25,232 पर बंद

भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई और पूरे दिन दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1065 अंक टूटकर 82,180 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 353 अंक गिरकर 25,232 के स्तर पर आ गया। बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के चलते निफ्टी बैंक 487 अंक फिसल गया।

इंट्राडे में और बिगड़े हालात

दिन के कारोबार के दौरान गिरावट और गहरी हो गई थी। इंट्राडे में सेंसेक्स करीब 1200 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 400 अंक से ज्यादा नीचे चला गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा।

निवेशकों की संपत्ति में भारी नुकसान

सोमवार को बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 465.68 लाख करोड़ रुपये था, जो मंगलवार को घटकर 455.72 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों को करीब ₹10.12 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।

टॉप शेयरों में चौतरफा गिरावट

बीएसई के 30 प्रमुख शेयरों में से सिर्फ एचडीएफसी बैंक ही बढ़त में बंद हो सका। बाकी 29 शेयर लाल निशान पर रहे।
सबसे ज्यादा गिरावट जोमैटो में देखने को मिली, जो 4% से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, इंडिगो, रिलायंस और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों में भी तेज गिरावट रही।

सभी सेक्टर दबाव में

एनएसई पर लगभग सभी सेक्टर नुकसान में बंद हुए।

  • रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा टूटा, जहां गिरावट 5% से अधिक रही
  • ऑटो सेक्टर करीब 2.5% नीचे रहा
  • फाइनेंशियल सेक्टर में लगभग 1.4% की कमजोरी दर्ज की गई
  • अन्य सेक्टरों में भी औसतन 1% तक की गिरावट रही

शेयर बाजार क्यों गिरा ?

1. आईटी शेयरों में भारी बिकवाली
आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली से बाजार दो महीने से ज्यादा के निचले स्तर पर पहुंच गया। विप्रो करीब 3% और एलटीआई माइंडट्री करीब 6% तक टूट गया।

2. वैश्विक तनाव और टैरिफ की आशंका
वैश्विक बाजारों में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। नए टैरिफ और ट्रेड वॉर की आशंका के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी और फ्रांस की ओर से 200% टैरिफ की चेतावनी ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया।

3. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार दसवें दिन भी बिकवाल बने रहे। सिर्फ सोमवार को ही एफआईआई ने ₹3,263 करोड़ के शेयर बेच दिए थे, जिसका असर मंगलवार को बाजार पर साफ दिखा।

4. सुरक्षित निवेश की ओर रुझान
निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। मंगलवार को सोना पहली बार 4,700 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया, जबकि चांदी भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इससे इक्विटी बाजार पर और दबाव बना।

आगे क्या ?

बाजार की दिशा अब वैश्विक संकेतों, एफआईआई के रुख और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर निर्भर करेगी। जब तक वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी बिकवाली थमती नहीं है, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!