गौतम गंभीर ने मां बगलामुखी के दरबार में किया विशेष हवन, टीम इंडिया की जीत और शत्रु नाश की कामना की, गर्भगृह में की मौन साधना

इंदौर/आगर मालवा ( शिखर दर्शन ) // भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गौतम गंभीर शुक्रवार को आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे। वह इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे एकदिवसीय मैच से पहले मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आए।
शत्रु पराजित और विजय की कामना
मां बगलामुखी के दरबार में गौतम गंभीर ने देश की सुख-शांति और टीम इंडिया की जीत की कामना के साथ विशेष हवन किया। मान्यता है कि मां बगलामुखी में हवन करने से शत्रु पराजित होते हैं, विरोधी शक्तियां निष्क्रिय होती हैं और विजय का मार्ग खुलता है। इस आस्था के तहत उन्होंने विधिवत पूजा और हवन में भाग लिया। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।

गर्भगृह में मौन साधना और आशीर्वाद
अनुष्ठान के बाद गौतम गंभीर ने मंदिर के गर्भगृह में कुछ समय मौन साधना भी की। मंदिर के मुख्य पुजारी दिनेश गुरु ने उन्हें माता की चुनरी ओढ़ाकर आशीर्वाद प्रदान किया। गौतम गंभीर के आगमन की सूचना मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारी और ट्रस्ट सदस्य भी मौजूद रहे।
खेल और आस्था का संगम
भारतीय क्रिकेट टीम इस समय इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले की तैयारी में जुटी है। ऐसे समय में टीम इंडिया के हेड कोच का शक्तिपीठ नलखेड़ा पहुंचना खेल और आस्था के संगम के रूप में देखा जा रहा है।
मां बगलामुखी: शत्रु नाश और विजय की देवी
मां बगलामुखी को शत्रु नाश और विजय की देवी माना जाता है। नलखेड़ा का यह शक्तिपीठ न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश-विदेश में अपनी विशिष्ट धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। समय-समय पर राजनीति, उद्योग, फिल्म और खेल जगत की कई नामचीन हस्तियां दर्शन के लिए यहां आती रही हैं।




