दूषित पानी से मौतों पर कांग्रेस की न्याय यात्रा, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सरकार से जवाबदेही की मांग

इंदौर (शिखर दर्शन) // इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने बड़ी न्याय यात्रा निकालकर प्रशासन और सरकार को सीधा संदेश दिया। यात्रा का शुभारंभ बड़ा गणपति से हुआ और यह राजवाड़ा तक पहुँची। इसमें सैकड़ों कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि यह कोई राजनीतिक अभियान नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई है। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए और महापौर, संबंधित मंत्री और पार्षद से इस्तीफा लिया जाए। सिंगार ने इसे लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध करार देते हुए दोषियों पर हत्या की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की बात कही।
न्याय यात्रा का नेतृत्व पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किया। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, सह प्रभारी उषा नायडू, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े समेत कई विधायक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में हजारों लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के लिए जीने के लिए शुद्ध हवा और पानी अनिवार्य हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में यह बुनियादी अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को सिस्टम की विफलता बताया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में रहने वाले हिंदुओं की कोई चिंता नहीं है। इंदौर में छोटे बच्चों की मौत हुई है, लेकिन सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग जिम्मेदारी नहीं लेते। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को गंदे और दूषित पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
न्याय यात्रा के समापन अवसर पर जितू पटवारी ने कहा कि पिछले 22 साल से नगर निगम और प्रदेश में भाजपा सत्ता में है, फिर भी इंदौर को एक गिलास शुद्ध पानी नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि यह अहसान नहीं, बल्कि सरकारी विफलता और शर्म की बात है। पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय, महापौर और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त को जिम्मेदार ठहराया और मुख्यमंत्री मोहन यादव से इंदौर के लोगों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
पटवारी ने कहा कि जनता की मेहनत से इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर बना, लेकिन आज वही शहर दूषित पानी से मौतों का प्रतीक बन गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से न्याय की लड़ाई जारी रखेगी, ताकि भविष्य में भागीरथपुरा जैसी घटनाएँ दोबारा न हों।




