परीक्षा के प्रश्न पत्र में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में डीईओ को नोटिस जारी, जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर होगी कार्रवाई

महासमुंद (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के शासकीय स्कूलों में कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा में धर्मनिरपेक्षता और धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता को चुनौती देने वाले प्रश्न के मामले ने जोर पकड़ लिया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय कुमार लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि DEO का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पड़ताल में यह सामने आया कि परीक्षा के अंग्रेजी विषय के वस्तुनिष्ठ प्रश्न में एक सवाल पूछा गया था – “मोना के कुत्ते का क्या नाम है ?”। इसके चार विकल्पों में से एक में भगवान राम का नाम भी शामिल था। इस पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने नाराजगी जताते हुए इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया और DEO का पुतला फूंका। विहिप ने कलेक्टर से शिकायत की थी और सात दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।
लोक शिक्षण संचालनालय के नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के प्रश्न पत्रों के निर्धारण, मुद्रण और वितरण की जिम्मेदारी संबंधित DEO की है। बावजूद इसके प्रश्न पत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में भगवान राम का नाम शामिल हो गया, जो की आपत्तिजनक और निंदनीय है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि DEO का यह कृत्य उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और उदासीनता का परिचायक है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के उप नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार है। ऐसे में लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार DEO के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी यदि उनका जवाब समयसीमा में नहीं आता।
इस मामले ने शासकीय एवं निजी शिक्षा व्यवस्था में सवाल खड़े कर दिए हैं और यह बात सामने आई कि परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने में सावधानी और संवेदनशीलता कितनी महत्वपूर्ण है।




