भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा छत्तीसगढ़ का पहला नेशनल रोवर–रेंजर जंबूरी, बना सियासी मुद्दा: कांग्रेस की मांग, बृजमोहन का बयान और शिक्षा मंत्री का जवाब
विशेष रिपोर्ट :
रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले प्रदेश के पहले राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी (National Rover-Ranger Jamboree) ने राजनीतिक और प्रशासनिक विवादों का रूप ले लिया है। कांग्रेस ने इस आयोजन में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जंबूरी को स्थगित करने की मांग की है। आरोपों की शिकायत अब एसीबी/ईओडब्ल्यू तक पहुंच गई है, जबकि राज्यपाल को भी शिकायत भेजने की तैयारी है। विवाद में भाजपा सांसद और राज्य स्काउट परिषद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल के बयान के बाद नई ट्विस्ट सामने आई है।
कांग्रेस ने उठाए बड़े सवाल

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का टेंडर 3 जनवरी को जेम पोर्टल पर खुलना था, लेकिन उससे पहले ही निजी कंपनी ने बालोद के शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में तैयारियों का काम शुरू कर दिया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले यह काम किसके आदेश पर हुआ और क्या मंत्री गजेंद्र यादव ने पहले ही कंपनी को काम मिलने का भरोसा दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उनके अनुसार, बालोद के मालीघोरी में 9 से 13 जनवरी तक प्रस्तावित जंबूरी में 5 करोड़ रुपये से अधिक का काम बिना टेंडर प्रक्रिया के पहले ही शुरू कराया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।
ACB/EOW तक मामला पहुंचा
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नियमों को ताक पर रखकर निजी कंपनी को लाभ पहुँचाया गया। प्रतिनिधिमंडल में सुबोध हरितवाल, कन्हैया अग्रवाल, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी और अन्य शामिल थे। उन्होंने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राज्य स्काउट परिषद ने लिया फैसला
5 जनवरी को भाजपा सांसद और राज्य स्काउट परिषद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से 9 जनवरी से बालोद में प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। सांसद अग्रवाल ने कहा कि यदि इसके बावजूद जंबूरी का आयोजन किया गया, तो पूरी प्रशासनिक, वित्तीय और नैतिक जिम्मेदारी राज्य स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।
शिक्षा विभाग और मंत्री का पलटवार
वहीं शिक्षा विभाग ने जंबूरी के स्थगन की खबर को भ्रामक बताया। विभाग ने कहा कि आयोजन निर्धारित तिथि और कार्यक्रम के अनुसार ही होगा और 8 जनवरी को दुधली, बालोद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 5 करोड़ रुपये का कार्य जेम पोर्टल के माध्यम से ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छत्तीसगढ़ सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। पूरे आयोजन का संचालन नेशनल लेवल के डिप्टी डायरेक्टर और अन्य अधिकारियों के देखरेख में हो रहा है।
सीएम ने प्रेसवार्ता का संकेत दिया
सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि जंबूरी विवाद पर आज प्रेसवार्ता होगी। उन्होंने कहा, “प्रेसवार्ता का इंतजार करिए, सब विषय साफ हो जाएंगे।”
