डबल इंजन सरकार का बड़ा संकेत: बिलासपुर बनेगा छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन, 15 साल का रोडमैप तैयार

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने साफ कर दिया है कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास को लेकर सरकार के मजबूत राजनीतिक और प्रशासनिक संकल्प को सार्वजनिक रूप से स्थापित कर दिया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी सहित केंद्र और राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारी एक मंच पर मौजूद रहे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास अब केवल स्थानीय एजेंडा नहीं, बल्कि राज्य और केंद्र की प्राथमिकता बन चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में बिलासपुर के अगले 10 से 15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। इसमें भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, यातायात प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजना में “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” हर पहलू को शामिल किया गया है, ताकि योजनाएं जमीन पर प्रभावी ढंग से उतर सकें।
सरकार का लक्ष्य बिलासपुर को केवल एक बड़ा शहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ का नया आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब बनाना है। लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत के प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे मॉडल सिटी के रूप में तैयार करने की दिशा में काम होगा, जहां सस्टेनेबल शहरी ढांचा, स्वच्छता और रोजगार सृजन साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि यह रोडमैप केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार ने आवश्यक बजट प्रावधान और दीर्घकालिक निवेश सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। साथ ही, केंद्र-राज्य समन्वय के तहत स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, आवास, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी।
बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिलासपुर का विकास दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक संकल्प के रूप में आगे बढ़ेगा। बैठक के बाद यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि औद्योगिक निवेश, रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से बिलासपुर में विकास की नई लहर आने वाली है।
कुल मिलाकर, यह बैठक केवल एक प्रशासनिक समीक्षा नहीं, बल्कि डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी राजनीति का स्पष्ट ऐलान रही। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी मजबूत और निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।



