मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का किया विस्तृत प्रदर्शन

रायपुर (शिखर दर्शन) // महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पिछले दो वर्षों में विभागों की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी साझा की।
मंत्री ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने समाज में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 14,307 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और 68 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के अंतर्गत प्रथम संतान के जन्म पर 5,000 रुपये और दूसरी संतान बालिका होने पर 6,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। नवंबर 2023 में कुपोषण की दर 30.88 प्रतिशत थी, जो नवंबर 2025 में घटकर 24.99 प्रतिशत रह गई है। अंडरवेट बच्चों की संख्या भी 15.50 प्रतिशत से घटकर 13.61 प्रतिशत हो गई है। वर्तमान में 19.64 लाख हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है, जिसमें 90 प्रतिशत वितरण FRS प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी ढंग से हो रहा है।
सुरक्षा एवं सहायता के क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर योजना संचालित की जा रही है, जिसमें 33 जिलों में 34 केंद्र सक्रिय हैं। महिला हेल्पलाइन के माध्यम से बीते दो वर्षों में 8,959 शिकायतों का समाधान किया गया। बाल संरक्षण सेवाओं के तहत कुल 110 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं।
बालिका सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई पहल की गई हैं। बुनियाद और भविष्य कार्यक्रम के अंतर्गत 4,750 आंगनबाड़ी केंद्रों को BaLA अवधारणा के तहत उन्नत किया गया, 5,814 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य केंद्रों में परिवर्तित किया गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 15,342 बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के जरिए 9 लाख से अधिक किशोर बालिकाओं के परिवारजनों को जागरूक किया गया। बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया और इस वर्ष 189 बाल विवाह रोके गए।
आगामी प्राथमिकताओं पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण की दर को कम करने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए सुपोषित छत्तीसगढ़ पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बस्तर और सरगुजा संभाग में लागू किया जाएगा।

समाज कल्याण विभाग की उपलब्धियों में 18,400 लाभार्थियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः शुरू किया गया, जिसके तहत 10,694 तीर्थयात्रियों को लाभ मिला। दिव्यांगजनों के लिए शैक्षणिक कार्यक्रम और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वृद्धाश्रमों और सियान गुड़ी के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अंत में कहा कि विभाग भविष्य में भी महिलाओं और बच्चों के कल्याण और समाज की कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण में निरंतर प्रयास करता रहेगा।



