अन्तर्राष्ट्रीय

वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई पर भारत की पहली प्रतिक्रिया, 24 घंटे बाद बोला—‘वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई का समर्थन’

US Strikes Venezuela: अमेरिकी कार्रवाई पर भारत की पहली प्रतिक्रिया, MEA ने जताई चिंता, शांति की अपील

अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर भारत की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

वेनेजुएला में अमेरिकी एक्शन को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने चिंता जताते हुए कहा है कि भारत हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की। साथ ही MEA ने स्पष्ट किया कि काराकास स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।

इस बीच अमेरिका के भीतर भी इस कार्रवाई को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास ने ट्रंप प्रशासन के इस कदम को लापरवाही भरा फैसला बताया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला पर हमला कर सत्ता परिवर्तन की कोशिश से अराजकता और हिंसा बढ़ सकती है और अमेरिका ऐसे संघर्ष में फंस सकता है, जिसे उसकी जनता नहीं चाहती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लॉस एंजिल्स शांति, लोकतंत्र और कूटनीति के पक्ष में खड़ा रहेगा।

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी ने भी अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि किसी संप्रभु राष्ट्र पर एकतरफा हमला युद्ध की कार्रवाई है और यह संघीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। मामदानी ने चिंता जताई कि सत्ता परिवर्तन की यह कोशिश न केवल विदेश नीति को प्रभावित करेगी, बल्कि न्यूयॉर्क में रहने वाले हजारों वेनेजुएलावासियों की सुरक्षा पर भी असर डाल सकती है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।

गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने 2 जनवरी की रात वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया था। इसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, मादुरो दंपति पर हथियार और ड्रग्स से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

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