प्रधानमंत्री कार्यालय का नया नाम ‘सेवा तीर्थ’, देशभर के राजभवन अब कहलाएंगे ‘लोक भवन’

नई दिल्ली (शिखर दर्शन) //
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया है। बताया जा रहा है कि PMO जल्द ही नए तैयार हो रहे परिसर में शिफ्ट होगा, जिसका नाम ही ‘सेवा तीर्थ’ तय किया गया है। यह भवन पहले सेंट्रल विस्टा री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के नाम से जाना जाता था।
नए परिसर में PMO के साथ-साथ कैबिनेट सेक्रेटेरिएट, नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और इंडिया हाउस के कार्यालय भी शामिल होंगे। यह पूरा परिसर सेवा की भावना पर आधारित कार्यसंस्कृति को दर्शाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
राजभवन बना ‘लोक भवन’, राज निवास हुआ ‘लोक निवास’
गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर बताया कि ‘राजभवन’ शब्द कॉलोनियल मानसिकता को दर्शाता है, इसलिए इसे बदलकर ‘लोक भवन’ कर दिया जाए। निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात, त्रिपुरा और लद्दाख सहित कई राज्यों ने अपने राजभवन और राज निवास का नाम बदल दिया है।
राजस्थान भी इस सूची में शामिल हो गया है और उसने आधिकारिक रूप से ‘राजभवन’ का नाम बदलने का एलान कर दिया है।
उपनिवेशकालीन प्रतीकों को हटाने की लगातार पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक से उपनिवेशकालीन नामों और प्रतीकों को बदलने की एक निरंतर प्रक्रिया जारी है।
– 2016 में प्रधानमंत्री आवास का नाम 7, रेस कोर्स रोड से बदलकर 7, लोक कल्याण मार्ग किया गया।
– 2022 में राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया गया।
– अब केंद्रीय सचिवालय को भी ‘कर्तव्य भवन’ नाम दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह बदलाव केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि शासन प्रणाली में सेवा, कर्तव्य और जवाबदेही को सर्वोपरि रखने की व्यापक सोच का प्रतीक है—जहाँ सत्ता का नहीं, बल्कि सेवा का भाव केंद्र में है।



