साय सरकार के दो साल: खाद्य विभाग ने गिनाईं प्रमुख उपलब्धियां, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सीमा बढ़ाकर 21 क्विंटल की गई
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // साय सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर विभागीय उपलब्धियों की समीक्षा और रिपोर्टिंग का दौर जारी है। इसी क्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने विभाग के कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
सचिव कंगाले ने बताया कि राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल से बढ़ाकर 21 क्विंटल कर दी है, जिसका सीधा लाभ लाखों किसानों को मिल रहा है। उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक 25 लाख 49 हजार किसानों से धान खरीदा गया है और 25 लाख किसानों को 34 करोड़ 348 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। इसके अतिरिक्त 12 हजार करोड़ रुपए की राशि का भुगतान भी अलग से किया गया है। इस प्रक्रिया का सीधा संबंध सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि केंद्र का लक्ष्य 6 लाख 38 हजार मीट्रिक टन निर्धारित था, जिसका भुगतान मिलर्स को ऑनलाइन किया गया।
धान खरीदी में बड़ी प्रगति, 26 लाख से अधिक किसान पंजीकृत
कंगाले ने बताया कि 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी में इस वर्ष 26 लाख 49 हजार किसानों का पंजीयन हुआ है। अब तक 1 लाख 17 हजार 500 किसानों से 77 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है और 1150 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। राज्य में बिना किसी बाधा के नौवें दिन भी सुचारु रूप से धान खरीदी हुई। किसानों की सुविधा के लिए ‘तुम्हार टोकन’ व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत अब तक 3 हजार टोकन जारी किए जा चुके हैं।
5 एकड़ तक भूमि वाले किसान होंगे प्राथमिकता में
उन्होंने बताया कि 25 लाख किसानों में से 23 लाख किसान 5 एकड़ से कम भूमि वाले हैं, जिन्हें लघु एवं सीमांत श्रेणी में प्राथमिकता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। टोकन जारी करने का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसे मोबाइल ऐप के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है। जिन किसानों के पास टोकन नहीं है, वे सीधे केंद्र पहुंचकर टोकन ले सकते हैं।
समितियों व श्रमिकों के लिए भी प्रावधान
सचिव ने आगे बताया कि समितियों को निर्धारित नियमों के अनुसार कमीशन दिया जा रहा है। हमालों को प्रति बोरी 5 रुपए का भुगतान किया जाता है। पिछले वर्ष 2200 समितियों को 450 करोड़ रुपए जारी किए गए थे।
राशन कार्ड और खाद्य सुरक्षा में भी बड़े कदम
खाद्य विभाग की सचिव ने बताया कि बैंक सर्विस के माध्यम से भुगतान की सुविधा दी गई है। लाल, पीले और हरे तीनों श्रेणियों में धान संबंधी शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है। अलर्ट सेंटर से निकलने वाली वाहनों की निगरानी भी विभाग द्वारा की जाएगी।
पीडीएस प्रणाली में सुधार की बात करते हुए उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा के तहत सभी पात्र लोगों को जोड़ा गया है। यदि किसी सामग्री की कमी होती है, तो तत्काल व्यवस्था की जा सकती है। गरीबी रेखा राशन कार्ड में 11 लाख नए परिवार जुड़े हैं, जिससे अब कुल लाभार्थी संख्या 82 लाख हो गई है।
नए एवं पुराने राशन कार्डों का नवीनीकरण और बायोमेट्रिक सत्यापन भी तेजी से करवाया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र परिवार वंचित न रह जाए।
साय सरकार के दो साल पूरे होने पर खाद्य विभाग की ये उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य में किसानों और आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा रहा है।



