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देश का पहला ‘AI मॉनिटर्ड जिला’ तैयार: भीड़ में हथियार पहचानने से लेकर खतरे का अंदाजा लगाने तक—सुरक्षा के हाईटेक युग की शुरुआत, 2013 बैच के IPS अधिकारी ने रचा इतिहास

महाराष्ट्र का सिंधुदुर्ग देश का पहला AI जिला बना, IPS हर्ष ए. पोद्दार की ‘MARVEL’ तकनीक ने बदला प्रशासनिक मॉडल

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले ने प्रशासन और सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। देश में पहली बार किसी जिले ने प्रशासनिक कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम के हवाले किया है। 1 मई 2025 से जिले के आठ प्रमुख विभागों में AI सिस्टम का संचालन औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है। इस तकनीक के लागू होने से कार्यप्रणाली में तेजी, पारदर्शिता और बेहतर निर्णय क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

इस ऐतिहासिक पहल के जनक हैं 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी हर्ष ए. पोद्दार, जो वर्तमान में नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं। हर्ष पोद्दार ने ‘MARVEL’ नाम का अत्याधुनिक AI सिस्टम विकसित किया है, जिसकी वजह से सिंधुदुर्ग को देश का पहला ‘AI डिस्ट्रिक्ट’ घोषित किया गया है।

क्यों खास है MARVEL?

MARVEL एक ऐसा AI सिस्टम है जो भीड़ में हथियार की पहचान, लोगों की संख्या गिनने, असामान्य गतिविधियों का विश्लेषण करने और संभावित खतरे का अनुमान लगाने जैसे जटिल कार्य स्वतः कर सकता है।
इससे पुलिस को किसी आतंकी हमले, भगदड़, बड़े हादसे या सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े संभावित जोखिमों को पहले ही समझने और तैयारी करने में मदद मिलती है।
यह तकनीक भविष्य में राज्य और देश के अन्य जिलों में भी लागू किए जाने की संभावना को मजबूत करती है।

ऑक्सफोर्ड से हार्वर्ड तक का सफर

हर्ष ए. पोद्दार ने कोलकाता स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज से कानून की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्हें ब्रिटेन सरकार की प्रतिष्ठित Chevening Scholarship मिली, जिसके तहत उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल और कॉन्स्टीट्यूशनल लॉ में मास्टर्स (LLM) पूरा किया।
इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड केनेडी स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया।

ब्रिटेन की नौकरी छोड़कर समाज सेवा का रास्ता चुना

हर्ष को ब्रिटेन की मल्टीनेशनल लॉ फर्म ‘Clifford’ में कॉर्पोरेट वकील की नौकरी मिली और उन्होंने लगभग दो साल तक वहां कार्य किया। लेकिन कॉर्पोरेट दुनिया उन्हें अपना लक्ष्य नहीं लगी।
2011 में उन्होंने भारत लौटने का निर्णय लिया। उनका सपना था—जमीनी स्तर पर समाज में बदलाव लाना।
इसी सोच के साथ उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की। पहली बार में IRS मिला, लेकिन वे रुके नहीं।

2013 में IPS बने, और अब लिखा इतिहास

हर्ष ने वर्ष 2013 में दोबारा UPSC परीक्षा दी और इस बार उन्हें 361वीं रैंक मिली। उन्हें उनका सपना — इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) — हासिल हुआ, और महाराष्ट्र कैडर मिला।
आज उसी दृष्टि और नवाचार का परिणाम है कि महाराष्ट्र का एक जिला देश में तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

सिंधुदुर्ग में AI की शुरुआत सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि प्रशासनिक सुधार की एक बड़ी छलांग है—और इसे संभव करने का श्रेय जाता है एक युवा, दूरदर्शी और तकनीक-प्रेमी IPS अधिकारी हर्ष ए. पोद्दार को।

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