24 नवंबर महाकाल भस्म आरती: रजत मुकुट और सुगंधित पुष्पों की मालाओं से सजा बाबा महाकाल का दिव्य राजा स्वरूप

उज्जैन (शिखर दर्शन) //
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के 4 बजे performed होने वाली भस्म आरती के दौरान आज अद्भुत और मनोहारी दृश्य देखने को मिला। मार्गशीर्ष मास के पावन अवसर पर बाबा महाकालेश्वर का अलौकिक राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू, और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से गूंज उठा।
आज की भस्म आरती में पुजारियों द्वारा बाबा को रजत मुकुट, चंदन-भस्म का लेप, और सुगंधित पुष्पों की विशेष माला अर्पित की गई। ड्रायफ्रूट से आकर्षक अलंकरण कर भगवान महाकाल के दिव्य स्वरूप को विशेष रूप से सजाया गया, जिसके दर्शन कर भक्त भाव-विभोर हो उठे।
तड़के मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही शुद्ध वैदिक मंत्रोच्चार, नंदी द्वार पर ढोल-नगाड़ों की ध्वनि और महाकाल मंडप में उठते धुएं ने वातावरण को पूर्णतः शिवमय कर दिया। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने बाबा के इस दुर्लभ राजा स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
आज की आरती में अत्यधिक भीड़ रही, लेकिन सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। भक्तों ने बताया कि आज का श्रृंगार वर्ष के सबसे भव्य श्रृंगारों में से एक था, जिसे देख मन अद्भुत शांति और आनंद से भर उठा।
यहां कीजिए दर्शन –
भस्म आरती का यह दिव्य दृश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है। मंदिर प्रशासन ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भक्तों को दर्शन कराने की सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि अधिक से अधिक लोग बाबा के इस दिव्य स्वरूप का लाभ पा सकें।




