बिलासपुर संभाग

पीडब्ल्यूडी सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह की कड़ी समीक्षा: दिसंबर तक मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश, गुणवत्ताहीन निर्माण पर सख्त चेतावनी

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में बिलासपुर और अंबिकापुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और सभी कार्यपालन अभियंताओं की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्पष्ट कहा कि गुणवत्ताहीन कार्य किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सड़कों और भवनों के टिकाऊ व उपयोगी निर्माण पर विशेष जोर दिया।


दिसंबर तक सभी मरम्मत कार्य पूरे करने का निर्देश

सचिव ने विभाग को मिले स्वीकृत कार्यों की लंबित निविदाएं जल्द जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों की मरम्मत के सभी कार्य दिसंबर माह तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।
जिन परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, उन्हें अभियान चलाकर तुरंत प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। साथ ही गति अवरोधकों का निर्माण मानकों के अनुसार करने, सड़कों से ब्लैक स्पॉट हटाने और नियमित फील्ड विजिट कर मॉनिटरिंग बढ़ाने को कहा गया।


नई सड़कें व चौड़ीकरण—भू-अर्जन तेजी से निपटाने पर जोर

बैठक में सचिव ने नई सड़कों के निर्माण और पुरानी सड़कों के चौड़ीकरण से संबंधित भू-अर्जन प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बनाए जा रहे भवन, गोदाम, स्टेडियम, ऑडिटोरियम आदि संरचनाएं आम नागरिकों के लिए सहज, उपयोगी और पूरी तरह फंक्शनल स्थिति में हों।


भवन निर्माण में उच्च गुणवत्ता सामग्री अनिवार्य

डॉ. सिंह ने भवन निर्माण में उच्च गुणवत्ता की खिड़कियां, दरवाजे, टाइल्स, पुट्टी और पेंट के अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भवन सुंदर, आकर्षक और मजबूत होने चाहिए। इसके लिए अभियंताओं को स्वयं गुणवत्ता जांच में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, न कि केवल ठेकेदारों पर निर्भर रहना होगा।
सर्किट हाउसों के रखरखाव, सफाई और उपभोग्य सामग्रियों की उपलब्धता को लेकर भी उन्होंने निर्देश दिए।


बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

सचिव ने बिलासपुर और अंबिकापुर परिक्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

  • हिर्री–बिल्हा मार्ग 31 मार्च तक पूर्ण करने का निर्देश।
  • चंद्रपुर–डभरा–खरसिया–धरमजयगढ़–पत्थलगांव मार्ग के उन्नयन कार्य को गति देने को कहा।
  • कोनी–मोपका बाइपास परियोजना (₹59.55 करोड़) और
  • नांदघाट–मुंगेली मार्ग चौड़ीकरण (₹116.53 करोड़) की निविदाएं शीघ्र पूरी करने को कहा।
  • बिलासपुर में बिवरेज कॉर्पोरेशन के गोदाम का काम जल्द शुरू करने की बात कही।

खेल अधोसंरचना—बहतराई हॉकी मैदान दिसंबर तक तैयार

अधिकारियों ने बताया कि राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र, बहतराई के हॉकी मैदान में गैलरी और फ्लड लाइट का निर्माण दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
इसके अलावा कटघोरा बाइपास के मजबूतीकरण व गौरेला के संयुक्त जिला कार्यालय भवन का निर्माण जनवरी तक पूरा करने की संभावना है।
सारंगढ़ जिला कार्यालय भवन का लक्ष्य अगस्त 2026 तय किया गया है।


अधिकांश सड़कें 90–97% तक तैयार

अंबिकापुर परिक्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार—

  • राजपुर–प्रतापपुर मार्ग का 97%
  • कुसमी–सामरी मार्ग का 92%
  • सलका–केतका–राजापुर–परशुरामपुर–रामानुजनगर–माजा–कुड़ेली मार्ग का 90% कार्य पूर्ण हो चुका है।
    इन कार्यों को अगले माह तक 100% पूरा करने की तैयारी है।
    तारा–प्रेमनगर–रामानुजनगर–कृष्णपुर मार्ग मार्च 2026 तक पूर्ण होगा।

दो पालियों में चली लंबी समीक्षा बैठक

लगातार तीसरे दिन चली इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विभाग के दोनों परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक सुबह से शाम तक दो पालियों में चली, जिसमें प्रगतिरत परियोजनाओं, प्रशासकीय स्वीकृतियों और आगामी बड़ी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

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