घोड़े ‘नॉटीबॉय’ को पुलिस ने दी सम्मानजनक अंतिम विदाई: 31 साल तक वर्दी का सच्चा साथी रहा, महाकाल की सवारी से लेकर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक बढ़ाया उज्जैन पुलिस का गौरव

पुलिस लाइन में हुआ सम्मानजनक अंतिम संस्कार
उज्जैन (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश पुलिस के उज्जैन अश्वरोही दल का गौरवशाली हिस्सा रहे घोड़े ‘नोटीबॉय’ का गुरुवार को निधन हो गया। करीब 31 वर्षों तक पुलिस सेवा में समर्पित रहे इस सेवाभावी अश्व ने अपने जीवनकाल में न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि बाबा महाकाल की सवारी, धार्मिक आयोजनों और राष्ट्रीय स्तर की घुड़सवारी प्रतियोगिताओं में भी उज्जैन पुलिस का मान बढ़ाया।
नोटीबॉय की असामान्य निष्ठा और शौर्य को याद करते हुए उज्जैन पुलिस लाइन में एसपी प्रदीप शर्मा ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि “नोटीबॉय ने 31 साल तक पूरे समर्पण से विभाग की सेवा की है। वह सिर्फ एक घोड़ा नहीं, पुलिस परिवार का अभिन्न सदस्य था।”
राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया नाम
नोटीबॉय ने अपने करियर में नेशनल और ऑल इंडिया हॉर्स जंपिंग प्रतियोगिताओं में कई पदक, जिनमें गोल्ड मेडल भी शामिल हैं, जीतकर पुलिस विभाग का नाम रोशन किया। उसकी कार्यकुशलता और अनुशासन के चलते वह अश्वरोही दल का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता था।
पुलिस लाइन में होगा मेमोरियल निर्माण
एसपी प्रदीप शर्मा ने घोषणा की कि नोटीबॉय के नाम पर पुलिस लाइन परिसर में एक स्मारक (मेमोरियल) बनाया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस लाइन में ही उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान कई जवानों की आंखें नम हो गईं।
साथी पुलिसकर्मियों ने उसे अंतिम सलामी देते हुए कहा – “नोटीबॉय केवल एक घोड़ा नहीं, हमारी वर्दी का गर्व और सच्चा साथी था।”



