बिलासपुर रेल हादसा : कांग्रेस ने केंद्र और रेलवे की घोर लापरवाही पर उठाए सवाल, दीपक बैज बोले- एक ही ट्रैक पर मालगाड़ी और यात्री ट्रेन कैसे चली ?

रायपुर/ बिलासपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। लालखदान स्टेशन के पास गेवरारोड-बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में अब तक 11 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में लोको पायलट, छात्रा और अन्य यात्री शामिल हैं।
हादसे के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र सरकार और रेलवे को कटघरे में खड़ा किया। धरसींवा से बिलासपुर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक ही ट्रैक पर मालगाड़ी और यात्री गाड़ी का परिचालन कैसे संभव हुआ, इसके लिए रेलवे की घोर लापरवाही जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि हादसे रोकने की नई तकनीक सिर्फ दिखावा है और रेलवे अधिकारियों की संवेदनहीनता इस हादसे में साफ झलकती है।
हादसे में अब तक जिन 5 यात्रियों की पहचान हुई है, उनमें लोको पायलट विद्या सागर, प्रमिला वस्त्रकार, अंकित अग्रवाल, प्रिया चंद्रा और शीला यादव शामिल हैं। प्रिया चंद्रा बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थीं और सक्ती जिले के बहेराडीह की निवासी थीं। शीला यादव देवरी खुर्द के बहनिया मंदिर के पास रहती थीं। उनके निधन की खबर से परिजनों में मातम छा गया है।
घायलों में 20 यात्रियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें 2 वर्षीय ऋषि यादव और 19 वर्षीय मेहनिश खान सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल हैं।
मुआवजा और राहत
रेलवे प्रशासन ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 5 लाख रुपये और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की।
जांच और कारण
बिलासपुर रेल हादसे की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) स्तर पर कराई जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा गटौरा और बिलासपुर के बीच सिग्नल या लाइन-स्विचिंग की तकनीकी त्रुटि के चलते हुआ माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।



