आसमान में धधकता आग का गोला बना कार्गो विमान, भयानक हादसे में 4 की मौत, 11 लोग घायल , — जांच में जुटी NTSB और FAA

अमेरिका के केंटकी राज्य में एक बड़ा विमान हादसा हुआ है। लुइसविले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Louisville International Airport) के पास एक कार्गो विमान टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद आसमान में आग का गोला बन गया और जोरदार धमाके के साथ क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि विमान अचानक आग की लपटों में घिर जाता है और देखते ही देखते नीचे गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है। हादसे के तुरंत बाद एयरपोर्ट के दक्षिणी हिस्से में घना धुआं उठता दिखाई दिया, जो कई किलोमीटर दूर तक देखा गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, जांच की जिम्मेदारी NTSB और FAA के पास
स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है। हादसे की जांच की जिम्मेदारी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने संभाल ली है। FAA के अनुसार, यह हादसा स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5:15 बजे हुआ।
लोगों को घरों में रहने का निर्देश, एयरपोर्ट संचालन रोका गया
पुलिस ने एयरपोर्ट से लगभग 8 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को घर के अंदर रहने का निर्देश दिया है। वहीं, एयरपोर्ट प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों से सभी उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
लिथियम बैटरी से आग लगने की आशंका
लुइसविले मेट्रो पुलिस विभाग (LMPD) ने बताया कि हादसे के बाद भी घटनास्थल पर आग लगी हुई है और मलबा फैला है। शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि विमान में रखी लिथियम बैटरियों में विस्फोट होने से आग लगी, जैसा कि साल 2010 में UPS फ्लाइट 6 के हादसे में हुआ था।
टेकऑफ के तुरंत बाद हुआ हादसा, विमान में था 38 हजार गैलन जेट ईंधन
जानकारी के मुताबिक, UPS फ्लाइट 2976 ने शाम 5 बजे के करीब हवाई (Hawaii) के लिए उड़ान भरी थी। यह MD-11 कार्गो विमान था, जिसमें लगभग 38 हजार गैलन जेट फ्यूल भरा हुआ था। टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद विमान नियंत्रण खो बैठा और धमाके के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आग की ऊंची लपटें और मलबे से उठता धुआं साफ नजर आ रहा है।
यह हादसा न केवल अमेरिका बल्कि पूरी एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस दुर्घटना की असली वजह क्या थी — तकनीकी खराबी, ईंधन विस्फोट, या फिर किसी बाहरी कारण का असर।



