संघर्षविराम के बीच हमास के लड़ाकों ने गाजा की सड़कों पर की सख्त कार्रवाई, हथियार दिखाते हुए संदिग्धों को हिरासत में लिया

गाजा में हमास का सत्ता नियंत्रण अभियान: संघर्षविराम पर नई चुनौतियां
( एजेंसी ) // गाजा में संघर्षविराम के बीच हालात फिर से तनावपूर्ण होते दिख रहे हैं। हमास ने सड़कों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए बड़े अभियान की शुरुआत की है, जिसमें उसके लड़ाकों ने कई संदिग्ध अपराधियों को मार गिराया। संगठन का दावा है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बहाल करने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे संघर्षविराम की स्थिरता कमजोर हो सकती है।
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने हमास के इस अभियान को राहत देने वाला बताया है। उत्तरी गाजा के स्वास्थ्यकर्मी सईद अबू एलाइश ने कहा, “हमने दो साल बाद पुलिस को सड़कों पर देखा है। कुछ सुरक्षा लौटती दिख रही है।” वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता व्यक्त की जा रही है कि हमास के हथियार न डालने के फैसले से शांति प्रक्रिया पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमास की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संगठन ने कुछ ‘बुरे गिरोहों’ को खत्म किया है और “इससे मुझे कोई आपत्ति नहीं।” हालांकि, उन्होंने दोहराया कि हमास को अपना हथियार छोड़ना होगा, और अगर वे स्वयं नहीं करेंगे तो अमेरिका या अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें निहत्था कर देगा। यह ट्रम्प के मध्यस्थता प्रस्ताव में शामिल हमास के निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय निगरानी की शर्तों पर दबाव डालने वाला बयान माना जा रहा है।
हमास द्वारा पिछले हफ्ते डॉगमश परिवार से जुड़े एक सशस्त्र गिरोह पर चलाए गए अभियान में करीब दो दर्जन लोग मारे गए। इसमें एक स्थानीय पत्रकार और हमास के एक वरिष्ठ नेता का बेटा भी शामिल था। हमास के टेलीग्राम चैनलों ने मारे गए लोगों को “सहयोगी और गद्दार” बताया, जिन्हें कथित तौर पर इज़रायल से मदद मिल रही थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में हमास के सशस्त्र बलों को आठ लोगों को सरेआम गोली मारते हुए दिखाया गया। इस घटना ने क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों फैला दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों अल मेजान सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स और पैलेस्टीनियन इंडिपेंडेंट कमीशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
गाजा में सत्ता पुनर्स्थापन की प्रक्रिया अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। हमास के गृह मंत्रालय ने एक सप्ताह के लिए आम माफी की घोषणा की है। बयान में कहा गया है कि जिन गिरोह सदस्यों का हाथ हत्या या गंभीर अपराधों में नहीं है, वे आत्मसमर्पण कर अपना रिकॉर्ड साफ कर सकते हैं। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि “कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक सुरक्षा या नागरिकों के अधिकारों से खिलवाड़ नहीं करेगा — यह अंतिम चेतावनी है।”
संगठन ने संकेत दिया है कि वह रॉकेट जैसे आक्रामक हथियार सौंपने पर विचार कर सकता है, लेकिन आत्मरक्षा के लिए हल्के हथियार रखना चाहता है। इससे स्पष्ट है कि हमास पूरी तरह निरस्त्रीकरण के लिए अभी तैयार नहीं है।
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि अगर हमास शांतिपूर्ण तरीके से हथियार नहीं डाले, तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है। इस बयान से मौजूदा संघर्षविराम की अस्थिर और नाजुक स्थिति साफ दिखाई देती है।



