आज का शुभ नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र में किए गए कार्य होंगे फलदायी, समृद्धि और स्थायित्व का संकेत

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // वैदिक ज्योतिष के अनुसार आज बुधवार, 15 अक्टूबर 2025 को पुष्य नक्षत्र रहेगा, जो दोपहर 3:19 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह नक्षत्र जीवन में सुख, समृद्धि, स्थायित्व और उन्नति का पोषण करने वाला माना जाता है। इसलिए व्यापार, निवेश, घर या वाहन खरीदने, सोना-चांदी लेने और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय अत्यंत शुभ है।
‘पुष्य’ का अर्थ है – पोषण करने वाला या शक्ति प्रदान करने वाला। इसका प्रतीक गाय का थन है, जो समृद्धि और पालन-पोषण का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह शनि है, जबकि अधिष्ठाता देवता देवगुरु बृहस्पति हैं। इस कारण पुष्य नक्षत्र को स्थायित्व, ज्ञान और शुभता का संगम कहा जाता है।

ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को ‘नक्षत्रों का सम्राट’ भी कहा गया है। शनि और बृहस्पति की संयुक्त कृपा से इस समय किए गए प्रयास लंबे समय तक फलदायी रहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में किए गए दान, पूजा या निवेश अक्षय फल देते हैं और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
विशेष टिप: इस समय में नए व्यापार, घर या वाहन खरीदने और निवेश करने से सफलता के योग बढ़ जाते हैं। धार्मिक क्रियाकलाप और दान भी अत्यधिक फलदायी माने जाते हैं।
डिस्क्लेमर: शिखर दर्शन इस समाचार को सामान्य जानकारी के रूप में प्रस्तुत करता है। यह किसी भी प्रकार का भविष्यवाणी या वित्तीय सलाह नहीं है। निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।



