अफगानिस्तान के हमले से बौखलाया पाकिस्तान : फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, टॉप कमांडर्स को लगाई फटकार

अफगानिस्तान के घातक हमले के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। तालिबान द्वारा किए गए इस हमले में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान झेलना पड़ा, जिसके बाद सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सोमवार रात रावलपिंडी हेडक्वार्टर में टॉप कमांडर्स की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। सूत्रों के अनुसार, मीटिंग में आसिम मुनीर ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और इसे खुफिया एजेंसियों की “बड़ी नाकामी” बताया।
अफगानिस्तान ने सात मोर्चों से किया हमला, 58 पाक सैनिक मारे जाने का दावा
शनिवार (11 अक्टूबर 2025) को अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की सीमावर्ती चौकियों पर समन्वित हमला किया था। तालिबान का दावा है कि उसके हमले में पाकिस्तानी सेना के 58 जवान मारे गए और कई चौकियां कब्जे में ले ली गईं। अफगानिस्तान की ओर से अंगूर अड्डा, चितराल, वजीरिस्तान, बजौर, कुर्रम, दीर, बहरामचा और चमन जैसे सात मोर्चों से एक साथ हमला किया गया। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां इस हमले की भनक तक नहीं लगा पाईं, जिससे सेना की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रावलपिंडी में चली फटकार की ‘आंधी’
सीएनएन न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार रात हुई हाई-लेवल मीटिंग में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बेहद तल्ख लहजे में अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। बैठक में पेशावर कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उमर अहमद बुखारी, दक्षिण कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम अहमद, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आवेज, डीजी आईएसआई लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मलिक, डीजी मिलिट्री इंटेलीजेंस मेजर जनरल वाजिद अजीज और डीजी मिलिट्री ऑपरेशंस मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, आसिम मुनीर ने पूछा— “आप बेखबर कैसे थे? अग्रिम खुफिया जानकारी कहां थी? इस नाकामी की जिम्मेदारी कौन लेगा?” उन्होंने इसे पाकिस्तान की सुरक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी असफलता बताते हुए कहा कि जवाबी कार्रवाई के लिए मिलिट्री बैकअप का न होना गंभीर लापरवाही है।
सात दिन में मांगा पूरा ब्योरा
आसिम मुनीर ने सभी अधिकारियों को सात दिन के भीतर हमले के दौरान हुई चूक, खुफिया विफलता और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने के लिए सख्त आदेश दिए।
“देश के अंदर भी युद्ध जैसी स्थिति”
बैठक में आसिम मुनीर ने कहा कि “पाकिस्तान न सिर्फ सीमाओं पर, बल्कि देश के भीतर भी युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है।” उन्होंने सभी कमांडरों को अलर्ट मोड में रहने और हर स्तर पर खुफिया सहयोग बढ़ाने का निर्देश दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान की सैन्य तैयारी और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अफगानिस्तान के इस हमले से न केवल पाक सेना की रणनीतिक कमजोरी उजागर हुई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उसे भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है।



