मध्यप्रदेश

मंत्रिपरिषद बैठक: किसानों, पेंशनरों और उद्यमियों के लिए बड़े फैसले

  • प्रमुख कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों में पहली बार कोदो-कुटकी उपार्जन शुरू
  • सोयाबीन भावांतर योजना 24 अक्टूबर से लागू, MSP अंतर DBT के माध्यम से किसानों के खाते में
  • रेशम समृद्धि योजना और RAMP योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति
  • पेंशनरों को महंगाई राहत में वृद्धि, सरदार पटेल कोचिंग योजना में नए प्रावधान

भोपाल (शिखर दर्शन) // मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई, जिसमें प्रदेश के किसानों, पेंशनरों और उद्यमियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

कृषकों के लिए कोदो-कुटकी उपार्जन की शुरुआत
मंत्रिपरिषद ने प्रमुख कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों के कृषकों से पहली बार कोदो-कुटकी उपार्जन करने का निर्णय लिया। यह उपार्जन रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के तहत होगा। जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी और सिंगरौली के कृषक इसका लाभ उठाएंगे। अन्य जिलों से मांग आने पर उपार्जन करने पर विचार किया जाएगा।

श्रीअन्न कंसोर्टियम ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (श्रीअन्न फेडरेशन) द्वारा खरीफ 2025 में 30 हजार मेट्रिक टन कुटकी और कोदो का उपार्जन किया जाएगा। कुटकी का मूल्य 3,500 रुपये प्रति क्विंटल और कोदो का 2,500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके लिए 80 करोड़ रुपये ब्याज मुक्त ऋण के रूप में मूल्य स्थिरीकरण कोष से उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, किसानों को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी।

सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम को प्रदेश में लागू करने की स्वीकृति दी, जिसे भावांतर योजना के रूप में लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक सोयाबीन का विक्रय राज्य की अधिसूचित मंडियों में किया जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,328 रुपये है, और MSP और बिक्री दर के अंतर को पंजीकृत किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किया जाएगा।

रेशम समृद्धि योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार की सिल्क समग्र-2 योजना को 25 प्रतिशत राज्यांश के साथ राज्य में रेशम समृद्धि योजना के रूप में लागू करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी। योजना में हितग्राहियों को रेशम उत्पादन संबंधी 23 गतिविधियों में सहायता मिलेगी। सामान्य वर्ग के हितग्राही को 75 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं जनजाति को 90 प्रतिशत आर्थिक सहायता दी जाएगी। कुल इकाई लागत अब 5 लाख रुपये होगी, जिसमें विभिन्न वर्गों के हितग्राहियों के लिए केंद्र, राज्य और स्वयं का अंश निर्धारित किया गया है।

RAMP योजना प्रदेश में लागू करने की स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की “Raising and Accelerating MSME Performance (RAMP)” योजना को प्रदेश में सैद्धांतिक रूप से लागू करने की स्वीकृति दी। इस योजना के लिए कुल स्वीकृत बजट 105.36 करोड़ रुपये है, जिसमें राज्य का 30 प्रतिशत हिस्सा 31.60 करोड़ रुपये होगा।

पेंशनरों को महंगाई राहत बढ़ाने का निर्णय
शासकीय पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को देय महंगाई राहत में वृद्धि की गई। सातवें वेतनमान के लिए राहत 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत और छठवें वेतनमान के लिए 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत कर दी गई है। इस निर्णय से राज्य को इस वित्तीय वर्ष में लगभग 170 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार उठाना होगा।

सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना में नए प्रावधान
पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के 5,000 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु वर्तमान योजना में नए प्रावधान शामिल किए गए। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में लागू होगी।

अन्य निर्णय
मंत्रिपरिषद ने आरक्षक (विसबल) 620 अरुण सिंह भदौरिया, 15वीं वाहिनी विसबल, इंदौर को प्रधान आरक्षक (विसबल) के पद पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया।


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