एमएसएमई सम्मेलन 2025: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे 200 करोड़ की अनुदान राशि का सिंगल क्लिक से वितरणप्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और सूक्ष्म उद्योगों को नई गति देने की तैयारी

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 अक्टूबर को राजधानी के होटल ताज फ्रंट में आयोजित होने वाले एमएसएमई सम्मेलन 2025 में शामिल होंगे। यह सम्मेलन प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) के विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक इकाइयों को 200 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित करेंगे। वहीं, स्टार्टअप नीति 2025 के तहत 80 से अधिक स्टार्टअप्स को ₹1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
सम्मेलन दोपहर डेढ़ बजे आरंभ होगा, जिसमें स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो महत्वपूर्ण विषयगत सत्र होंगे। मुख्यमंत्री बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों व उद्योग संघों से वर्चुअल संवाद भी करेंगे। इस दौरान उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
औद्योगिक भूखंड आवंटन और नवीन क्षेत्रों का शिलान्यास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई विभाग के अधीन औद्योगिक क्षेत्रों में 200 से अधिक भूखंडों के आवंटन के आशय पत्र वितरित करेंगे। साथ ही 113.78 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले तीन नए औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत आयोजित सेवा पखवाड़ा अभियान में 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में 100 से अधिक लाभार्थियों को हितलाभ वितरण भी किया जाएगा।
एमओयू साइनिंग और विशेष परिचर्चा सत्र
सम्मेलन के दौरान एमएसएमई विभाग और ओएनडीसी (ONDC) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसी क्रम में 7.57 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी होगा।
कार्यक्रम में विभिन्न उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। शाम के सत्र में स्वदेशी और स्वावलंबन पर विशेष परिचर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश में आत्मनिर्भर औद्योगिक ढांचे को लेकर सार्थक विचार-विमर्श होगा।
यह सम्मेलन प्रदेश में उद्योग, नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा देने के साथ “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



