छत्तीसगढ़ पावर कंपनी में संविदा कर्मचारियों का प्रबंधन के खिलाफ धरना, नियमितीकरण के वादे पर जताया विरोध, 18 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ पावर कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण और बेहतर वेतन एवं मुआवजा की मांग को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह आंदोलन छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले किया जा रहा है।
संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने बताया कि विगत पांच वर्षों से संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं किया गया है। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने इसे पूर्ण नहीं किया, जिससे संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।
संघ के अध्यक्ष हरिचरण साहू के अनुसार, यह तीसरा चरण है और मांगें पूरी न होने पर 18 अक्टूबर 2025 से चौथा चरण—अनिश्चितकालीन कामबंद—शुरू किया जाएगा, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
संघ के अनुसार वर्तमान में पॉवर कंपनी में नियमित कर्मचारियों की भारी कमी के कारण संविदा कर्मचारी नियमित कार्य भी न्यून वेतन में कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप अब तक 41 संविदा कर्मचारियों की जान गई है और सैकड़ों कर्मचारी गंभीर विद्युत दुर्घटनाओं में स्थायी या अस्थायी रूप से दिव्यांग हो चुके हैं।

संघ के संयुक्त महामंत्री योगेश साहू ने बताया कि पहले संविदा कर्मचारियों को दो वर्ष में नियमित किया जाता था, लेकिन 2016 और 2018 में भर्ती कर्मचारियों का नियमितीकरण अब तक नहीं हुआ है।
संघ चार प्रमुख मांगों के साथ आंदोलनरत है:
- पॉवर कंपनी में संविदा कर्मचारियों का समायोजन/नियमितीकरण।
- विद्युत दुर्घटना में मृत्यु एवं सामान्य मृत्यु पर 25 लाख रुपये मुआवजा एवं परिवार को अनुकंपा नियुक्ति।
- संविदा कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन में महंगाई भत्ता और मकान भत्ता।
- राष्ट्रीय अवकाश में ड्यूटी करने पर अतिरिक्त भुगतान और पूर्व ड्यूटी का भुगतान।
संघ का कहना है कि यदि इन मांगों को समय रहते पूरा नहीं किया गया तो चरणबद्ध आंदोलन और तेज किया जाएगा।



