फर्जी किडनैपिंग: बेटा ही निकला फिरौती का षड्यंत्रकारी, पिता से मांगी 10 लाख की फिरौती, पुलिस ने दबोचा
बिलासपुर में फिल्मी स्टाइल फेक किडनैपिंग का खुलासा : पिता से 10 लाख रुपये ऐंठने की साजिश रचने वाला बेटा पेंड्रा से गिरफ्तार
बिलासपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपने ही पिता से पैसे वसूलने के लिए खुद के अपहरण की साजिश रच डाली। पुलिस ने इस ‘फेक किडनैपिंग’ के आरोपी बेटे को पेंड्रा से गिरफ्तार कर लिया है। जल्द ही बिलासपुर पुलिस इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा करेगी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी संजय कुमार यादव, जशपुर जिले के नारायणपुर के देहराखार गांव का निवासी है। वह पिछले 10 सालों से बिलासपुर के कस्तूरबा नगर में किराए के मकान में रह रहा था। उसने एमएससी तक पढ़ाई की है और परिजनों को यह बताया था कि वह कोचिंग सेंटर में पढ़ाने के साथ बैंक में भी काम करता है।
1 अक्टूबर को संजय ने अपने पिता बालेश्वर यादव को फोन कर बताया कि वह घर आ रहा है, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचा। जब पिता ने अगले दिन फोन लगाया तो मोबाइल बंद मिला। परेशान पिता बेटे की तलाश में बिलासपुर पहुंचे, जहां उसके किराए के मकान में ताला लगा मिला।
इसी दौरान पिता को फिरौती मांगने के फोन आने लगे। संजय ने खुद ही पिता को फोन कर कहा कि 8 से 10 लड़कों ने उसका अपहरण कर लिया है और 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। उसने कई बार फोन पर यही बात दोहराई और फिरौती की रकम अपने ही बैंक खाते में जमा करने को कहा।
मामले की जानकारी पिता ने जशपुर स्थित सीएम हाउस में दी। सीएम हाउस से सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस ने गुम इंसान रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस को मोबाइल लोकेशन कभी बिलासपुर, कभी गौरेला और कभी रायगढ़ में मिलती रही, जिससे टीम काफी समय तक भटकती रही।
आखिरकार पुलिस ने संजय यादव को पेंड्रा से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि वह किराए के मकान में कोरबा की एक युवती के साथ रह रहा था, जिसने पूछताछ में बताया कि वह “गांव जा रहा हूं” कहकर निकला था और फिर संपर्क में नहीं आया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द ही फेक किडनैपिंग की इस साजिश का पूरा खुलासा करेगी।



