पश्चिम बंगाल में मानसून का कहर: दार्जिलिंग में भूस्खलन और पुल गिरने से 13 की मौत, कई इलाकों में संपर्क टूटा , पीएम मोदी ने जताया दुख

पश्चिम बंगाल में लौटता हुआ मानसून दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचा रहा है। जिले में सात जगह भूस्खलन (Landslide) होने और मिरिक व कुर्सेओंग को जोड़ने वाला दुदिया आयरन ब्रिज (Darjeeling Bridge) ढह जाने से 13 लोगों की मौत हो गई है।
भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग और आसपास के कई क्षेत्रों में सड़क और संचार व्यवस्था ठप हो गई है। सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग स्टेट हाईवे-12 और राष्ट्रीय राजमार्ग 110 पर कई स्थानों पर मलबा जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। मिरिक में एक लोहे का पुल भी टूट गया है, जबकि तीस्ता नदी उफान पर है। तीस्ताबाजार के पास बलुखोला में पानी भर जाने से सिलिगुड़ी को सिक्किम और कालिम्पोंग से जोड़ने वाला हाईवे बंद हो गया है।
राजगंज प्रखंड के पोराझार में भारी जलभराव के कारण कई घर और खेत पानी में डूब गए। महानंदा नदी पर बने तटबंध का एक हिस्सा टूट जाने से कई लोग अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर हुए। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित किया है और आपातकालीन सेवाओं को वैकल्पिक मार्गों से पहुंचाने की व्यवस्था की है।
दार्जिलिंग प्रशासन ने बताया कि मिरिक और कुर्सियांग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। गांवों में मलबे के कारण घर और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।
मौसम विभाग (IMD) ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में Low Pressure Area के सक्रिय होने से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तीस्ता और माल नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे मालबाजार और डुआर्स क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।
इसी बीच, अरब सागर में उठा पहला चक्रवात ‘शक्ति’ गंभीर तूफान में बदल गया है। गुजरात के द्वारका से 420 किमी दूर समुद्र में सक्रिय यह तूफान 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं ला रहा है। मौसम विभाग ने गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटीय जिलों में चेतावनी जारी की है। 7 अक्टूबर तक उत्तरी कोंकण के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है।



