मध्यप्रदेश

दुर्गा विसर्जन जुलूस पर पथराव से मचा बवाल, महिला सहित कई श्रद्धालु घायल, गुस्से में सड़कों पर उतरे लोग, बाजार रहे बंद

शहडोल ( शिखर दर्शन ) // जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र के केशवाही चौकी अंतर्गत शुक्रवार रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अचानक हुए पथराव से पूरा इलाका दहल उठा। इस हमले में महिलाओं सहित कई श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद अफरातफरी मच गई, वहीं पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।
स्थानीय प्रशासन ने घटना की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि सुरक्षा में हुई चूक की जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


कैसे हुई घटना

गवाहों के अनुसार, जब दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन जुलूस केशवाही बाजार से गुजर रहा था, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। देखते-ही-देखते भगदड़ मच गई। कई श्रद्धालु, जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे, चोटिल हो गए।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक युवक ने भगवान श्रीराम के प्रति अभद्र टिप्पणी की, जिससे माहौल और भड़क गया। पुलिस ने उस युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण और शुरुआती खबर

  • जानकारी के अनुसार, बुढ़ार थाने में सम्मिलित केशवाही चौकी अंतर्गत जुलूस के मार्ग पर कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया।
  • इस पथराव में महिलाएँ सहित कई श्रद्धालु घायल हुए। स्थानीय समाचारों में बताया गया कि घटना में कम-से-कम तीन महिलाओं को चोट आई।
  • जुलूस के उस हिस्से के पास ही एक मस्जिद भी है, जिसके कारण कुछ लोगों ने यह आशंका जताई कि पथराव उसी दिशा से हुआ हो सकता है।
  • पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर आरोपियों की खोज–तलाश शुरू कर दी है।

विरोध प्रदर्शन और बंद

  • घटना के विरोध में शनिहारी सुबह से ही केशवाही एवं बुढ़ार क्षेत्र में लोग इकट्ठा हो गए और केशवाही बाजार बंद करा दिया गया।
  • हजारों की संख्या में लोग बस स्टैंड मैदान पर जमा हुए और “राम, राम” के नारे लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
  • प्रदर्शनकारियों ने थाना घेराव का प्रयास किया, जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करड़ करके भीड़ को तितर-बितर किया।
  • हालांकि, पुलिस का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच

  • शहडोल के एसपी राम जी श्रीवास्तव ने कहा कि घटना के समय जुलूस पर पथराव हुआ और तीन महिलाओं के पत्थर लगने की शिकायत दर्ज कराई गई।
  • उन्होंने यह भी कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा विरोध प्रदर्शन को और बिगाड़ने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को संभाला।
  • प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
  • FIR दर्ज कर ली गई है और मामले में गहन जांच चल रही है।

पृष्ठभूमि और व्यापक घटना-परिस्थितियां

  • इस घटना की खबर स्थानीय स्तर पर सामने आई है। अमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबरों में पथराव, घायल, बाजार बंद, और पुलिस की कार्रवाई का जिक्र है।
  • इस बीच, राज्य स्तर पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान अन्य दुर्घटनाएँ भी हुई हैं — खासकर खंडवा और उज्जैन जिलों में, जहाँ ट्रैक्टर-ट्रॉली दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें लोग डूब गए।
  • उदाहरण स्वरूप, खंडवा जिले में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पुल पार करते समय झरने में गिर गई, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हुई और कई लापता हुए।

चुनौतियाँ और आगे की राह

  1. पुलिस एवं प्रशासन पर दबाव – बताते समय दोषियों को जल्द पकड़ा जाना चाहिए, ताकि न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
  2. संयम और संवेदनशीलता – धार्मिक आयोजनों में हर पक्ष की भावनाओं का ख्याल रखना आवश्यक है; किसी भी समूह या धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाना चाहिए।
  3. सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ करना – जुलूस मार्गों पर पुलिस एवं सीसीटीवी की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रित करना, और पहले से जोखिम-मूल्यांकन करना जरूरी है।
  4. समुदाय संवाद – दोनों समुदायों के बीच आपसी संवाद बनाकर शांति कायम करना होगा ताकि आगे से ऐसी घटना न हो।
  5. पारदर्शी और त्वरित जांच – आरोपियों की पहचान और सजा की प्रक्रिया तेजी से होनी चाहिए, जिससे लोगों में विश्वास बना रहे।

पुलिस और प्रशासन का बयान

शहडोल एसपी राम जी श्रीवास्तव ने बताया, “दुर्गा विसर्जन के दौरान तीन महिलाओं के घायल होने की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उत्पात मचाने की कोशिश की, जिस पर हल्का बल प्रयोग किया गया। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया

घटना के बाद हिंदू संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने पथराव की तीखी निंदा की है। उनका कहना है कि यह धार्मिक कार्यक्रम में बाधा डालने की साजिश है, और प्रशासन को दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।


वर्तमान स्थिति

शनिवार शाम तक इलाके में शांति बहाल है, लेकिन पुलिस अब भी सतर्क है। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और निगरानी जारी है। प्रशासन ने नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।


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