एशिया कप 2025 ट्रॉफी विवाद: टीम इंडिया ने PCB चीफ मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार, दुबई में 2 घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा

भारत ने संयुक्त अरब अमीरात में खेले गए एशिया कप 2025 के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान (Pakistan) को 5 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत 9वीं बार एशिया कप चैंपियन बना। लेकिन खिताबी जीत के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में बड़ा विवाद देखने को मिला। भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रेसिडेंट मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया।

स्टेज पर दो घंटे तक खड़ा रहा ड्रामा

मैच के बाद करीब दो घंटे तक मोहसिन नकवी ट्रॉफी लेकर स्टेज पर खड़े रहे, लेकिन भारतीय खिलाड़ी अड़े रहे कि वे किसी पाकिस्तानी अधिकारी के हाथों ट्रॉफी नहीं लेंगे। आखिरकार तय हुआ कि टीम इंडिया ट्रॉफी या अवॉर्ड्स नहीं लेगी। इस तरह प्रेजेंटेशन सेरेमनी बिना ट्रॉफी दिए ही खत्म कर दी गई।
खिलाड़ियों ने खाली हाथ किया जश्न
ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर जश्न मनाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साथी खिलाड़ियों के सामने खाली हाथ ऐसा जेस्चर बनाया मानो वे ट्रॉफी उठा रहे हों। इसके बाद पूरी टीम ने इसे ही असली ट्रॉफी मानकर खुशी जाहिर की और फोटो भी खिंचवाई।
हैंडशेक विवाद से शुरू हुई थी तनातनी
गौरतलब है कि 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए एशिया कप के पहले मैच के दौरान भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। तभी से अटकलें लगाई जा रही थीं कि टीम इंडिया किसी पाकिस्तानी अधिकारी से ट्रॉफी नहीं लेगी। फाइनल के बाद वही आशंका सच साबित हुई।
नकवी को मिली सार्वजनिक बेइज्जती

जब टीम इंडिया ट्रॉफी लेने नहीं पहुंची तो प्रेजेंटर साइमन डूल ने ऐलान किया कि भारत ने अवॉर्ड्स लेने से इनकार कर दिया है और सेरेमनी यहीं खत्म की जाती है। इसके बाद नकवी को ट्रॉफी लेकर ही मंच से लौटना पड़ा। इस तरह भारतीय टीम ने साफ संदेश दिया कि वह किसी पाकिस्तानी अधिकारी से सम्मान स्वीकार नहीं करेगी।

फाइनल से पहले उत्सुक थे नकवी
दिलचस्प बात यह है कि फाइनल मैच से पहले मोहसिन नकवी ने बयान जारी कर कहा था कि वे विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपने के लिए बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने इसे एशिया कप के इतिहास का ऐतिहासिक पल बताया था, लेकिन उनकी यह उत्सुकता निराशा और बेइज्जती में बदल गई।



