शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य, मॉडल स्कूलों की विस्तृत योजना पेश होगी

रायपुर (शिखर दर्शन) // समग्र शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा मंत्री के निर्देशों को लागू करने के लिए मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक को भेजा गया है। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई और उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में तय निर्देशों के तहत संकुल समन्वयकों से लेकर राज्य स्तरीय अधिकारियों तक को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। संकुल समन्वयकों को हफ्ते में चार दिन अपने स्कूल में पढ़ाना और दो दिन संकुल क्षेत्र के अन्य स्कूलों की शैक्षणिक मॉनिटरिंग करनी होगी। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से शालीन व्यवहार करने पर जोर दिया गया है।
सामग्री की खरीद और भंडारण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, जिला स्तर पर फाइल प्रस्तुति की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और पी.एम.श्री, सेजेस, इग्नाइट तथा मुख्यमंत्री डी.ए.व्ही. स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही हर साल 1000 से 1500 स्कूलों को मॉडल स्कूल में तब्दील करने की विस्तृत योजना एक महीने में शिक्षा मंत्री के सामने प्रस्तुत करनी होगी।
इसके अलावा, समग्र शिक्षा के अंतर्गत मिलने वाली राशि के खर्च की कार्ययोजना 10 दिनों में पेश करनी होगी। आवासीय स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने और राज्य, जिला व विकासखंड स्तर पर सालों से एक ही शाखा में कार्यरत कर्मचारियों का कार्य नए सिरे से आवंटित करने का आदेश दिया गया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सभी बिंदुओं पर तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई की जानी चाहिए। इन निर्देशों को लागू करने से प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है।



