मध्य प्रदेश में ‘आदि सेवा पर्व’ का भव्य आयोजन, पीएम मोदी 17 सितंबर को करेंगे शुभारंभ; ट्राईबल विलेज विजन-2030 का होगा रोडमैप तैयार

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश में जनजातीय समुदायों के विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘आदि सेवा पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा और इसे जनजातीय गौरव तथा राष्ट्र निर्माण का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को धार जिले के भैसोला में इस पर्व का शुभारंभ करेंगे।
पर्व के दौरान ट्राईबल विलेज विजन-2030 का रोडमैप तैयार किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक गतिविधि के केंद्र में सेवा का भाव और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प रहेगा।
आदि कर्मयोगी अभियान के तहत व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। पहले चरण में रीजनल प्रोसेस लैब में प्रदेश के 12 राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए गए हैं। स्टेट प्रोसेस लैब में 41 जिलों के 272 डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स और डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब में 242 विकासखंडों के 1210 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा चुके हैं।
ब्लॉक स्तर पर 18150 क्लस्टर मास्टर ट्रेनर्स, 41 जिला स्तरीय एनजीओ पार्टनर्स, 20 विकासखंड स्तरीय एनजीओ कर्मी, 56470 आदि सहयोगी (शिक्षक, डॉक्टर, यूथ-लीडर्स, सामाजिक कार्यकर्ता), 203292 आदि साथी (स्वसहायता समूह सदस्य, जनजातीय जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक, सांस्कृतिक हस्तियां) और 22588 आदि विद्यार्थी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 303233 चेंज लीडर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पर्व मध्य प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में विकास और सशक्तिकरण की नई दिशा प्रदान करेगा और आदिवासी समाज में सेवा और आत्मनिर्भरता के संस्कार को मजबूती देगा।



