बिलासपुर में बादल फटने से मंडी में भूस्खलन, 10 वाहन मलबे में दबे; सड़क बहकर टूटी, देशभर में अब तक 7% अधिक बारिश, 15 सितंबर से मानसून लौटने की संभावना

हिमाचल में बारिश का कहर: बिलासपुर में बादल फटा, मंडी में लैंडस्लाइड; अब तक 386 मौतें, सामान्य से 43% ज्यादा बारिश
बिलासपुर / (शिखर दर्शन ) // हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी है। राज्य के बिलासपुर जिले के नम्होल में शुक्रवार देर रात बादल फटने से अफरातफरी मच गई। घटना में 10 से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं, कई घरों को नुकसान पहुंचा और सड़कें भी बह गईं। वहीं, मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र के सपड़ी रोह गांव में शनिवार सुबह करीब 4 बजे भूस्खलन हुआ, जिससे कई घर मलबे से घिर गए। एहतियातन 8 घरों को खाली कराया गया।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक इस सीजन में बारिश और बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 386 तक पहुंच गया है। हिमाचल में 1 जून से 12 सितंबर तक सामान्य से 43% ज्यादा बारिश हो चुकी है। जहां इस अवधि में औसतन 678.4 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार 967.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सीएम सूक्खू ने जताया शोक
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खू ने इन घटनाओं पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा—
“नम्होल (बिलासपुर) में बादल फटने और मंडी ज़िला के धर्मपुर क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएँ अत्यंत पीड़ादायक हैं। इनसे कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। संकट की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएँ हर प्रभावित परिवार के साथ हैं।”
राहत की बात: किसी की नहीं गई जान
इस प्राकृतिक आपदा में जानमाल का बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि कई घर प्रभावित हुए, लेकिन किसी की मौत की खबर नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया जाए और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए।
उत्तर भारत के कई राज्यों में बाढ़ का संकट
हिमाचल के साथ ही पड़ोसी राज्य भी बारिश और बाढ़ से जूझ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर है। यहां करीब 80 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 100 से ज्यादा परिवार बेघर हो चुके हैं। वहीं, फर्रुखाबाद में गंगा किनारे तेज कटान हो रहा है। मजबूरी में लोग अपने मकानों को खुद तोड़ रहे हैं और ईंट-सरिया निकालकर ले जा रहे हैं।
मानसून की वापसी 15 सितंबर से संभव
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी 15 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से शुरू हो सकती है। सामान्य तौर पर मानसून 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से लौटता है और 15 अक्टूबर तक पूरे देश से विदा हो जाता है।
अब तक देश में 7% ज्यादा बारिश
इस साल अब तक देशभर में 836.2 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य 778.6 मिमी होती है। यानी अब तक 7% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
- उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से 34% अधिक 720.4 मिमी बारिश हुई।
- हिमाचल प्रदेश में 1 से 12 सितंबर तक सामान्य से 133% ज्यादा 150.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
- कुल्लू में सामान्य से 363 मिमी, सोलन में 256 मिमी, ऊना में 241 मिमी और शिमला में 231 मिमी अतिरिक्त बारिश हुई है।
📌 साफ है कि इस बार मानसून ने हिमाचल समेत उत्तर भारत में तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। राहत की बात यह है कि 15 सितंबर से मानसून की वापसी के संकेत मिल रहे हैं।



