मणिपुर में पीएम मोदी के दौरे से पहले बवाल : चुराचांदपुर में पोस्टर-बैनर फाड़े, आगजनी और लाठीचार्ज

पीएम मोदी देंगे 8,500 करोड़ की सौगात
इंफाल / चुराचांदपुर ( शिखर दर्शन ) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे से ठीक दो दिन पहले राज्य में तनाव फिर बढ़ गया। गुरुवार देर रात चुराचांदपुर के पीसोनमुन गांव में उपद्रवियों ने पीएम मोदी के स्वागत में लगाए गए पोस्टर-बैनर और बैरिकेडिंग को आग के हवाले कर दिया। चुराचांदपुर थाने से महज 5 किलोमीटर दूर हुई इस घटना पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा। हालांकि अब तक घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं है।
13 सितंबर को मणिपुर आएंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार, 13 सितंबर को मणिपुर के दौरे पर पहुंचेंगे। अधिकारियों ने बताया कि वे चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड से 7,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और इंफाल से 1,200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। इस तरह कुल 8,500 करोड़ रुपये की सौगात राज्य को मिलने वाली है। मोदी यहां सबसे पहले विस्थापित लोगों से मुलाकात करेंगे।
हिंसा के बाद पहली यात्रा
मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी, जिसमें अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। इस पृष्ठभूमि में मोदी का यह पहला मणिपुर दौरा होगा। फिलहाल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है।
सांसद बोले- कठिन समय पर आ रहे प्रधानमंत्री
मणिपुर के राज्यसभा सांसद लीशेम्बा सनाजाओबा ने पीएम के दौरे को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, “यह सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री कठिन समय में यहां आकर लोगों की बातें सुनेंगे। अब तक किसी प्रधानमंत्री ने इस परिस्थिति में दौरा नहीं किया।”
कड़ी सुरक्षा और ऐतिहासिक कांगला किला
पीएम मोदी की यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इंफाल स्थित 237 एकड़ में फैले ऐतिहासिक कांगला किले और चुराचांदपुर पीस ग्राउंड में समारोह के लिए बड़े मंच का निर्माण किया गया है। सेंट्रल फोर्स और स्टेट पुलिस 24 घंटे निगरानी कर रही है। नाव के जरिए किले के चारों ओर की खाइयों में भी गश्त की जा रही है। कांगला किला मणिपुरी शासकों के शासनकाल में सत्ता का केंद्र हुआ करता था।
13 से 15 सितंबर तक पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत का दौरा
पीएम मोदी 13 से 15 सितंबर तक पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत की यात्रा करेंगे। इसकी शुरुआत मिजोरम से होगी, जहां वे 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। मिजोरम को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का भी उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जाएंगे।



