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शिबू सोरेन के संस्कार भोज में विविध व्यंजनों का लुत्फ, कई जिलों से उमड़ा जनसैलाब ; सुरक्षा बल भी तैनात

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संस्कार भोज में लाखों की भीड़, राजनीतिक दिग्गज और आमजन शामिल

रामगढ़ (शिखर दर्शन) //
स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दशकर्म संस्कार भोज में लाखों लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य राजनीतिक दिग्गज मौजूद थे। भोज में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की अलग व्यवस्था की गई थी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और आगंतुकों के आने-जाने के लिए ई-रिक्शा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। नेमरा गांव में आयोजित इस समारोह में न केवल झारखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और दिवंगत गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।


प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, बाबा रामदेव सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक और प्रबुद्धजन ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी।

आम लोगों और मुख्यमंत्री से मुलाकात

आगंतुकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने गुरुजी के साथ बिताए गए अनुभव साझा किए और कहा कि उनका जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।

भव्य भोजन व्यवस्था

  • दो पंडाल, एक बार में 2,500 लोगों की बैठने की क्षमता।
  • शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की अलग व्यवस्था।
  • व्यंजन: दाल, चावल, पूड़ी, आलू परवल की सब्ज़ी, मिक्स सब्ज़ी, मछली फ्राई, मटन, दही, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, बुंदिया, पापड़, सलाद, और गुरुजी की पसंदीदा पकौड़ी।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं भोजन व्यवस्था की जानकारी लेते रहे।

सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम

  • 10 आईपीएस अधिकारी, 60 डीएसपी, 65 इंस्पेक्टर और 2,500 से अधिक पुलिस जवान तैनात।
  • आगंतुकों के लिए 300 से अधिक ई-रिक्शा।
  • धूमकुड़िया केंद्र में पुलिस कंट्रोल रूम।

राज्य और पड़ोसी राज्यों से बड़ी उपस्थिति

  • झारखंड के 24 जिलों और पड़ोसी राज्यों से भारी संख्या में लोग शामिल।
  • लगभग 2 लाख लोग संस्कार भोज में पहुंचे।

अंतिम संस्कार और दशकर्म

  • शिबू सोरेन का 4 अगस्त को दिल्ली में निधन।
  • मुखाग्नि उनके मंझले बेटे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी।
  • हेमंत सोरेन ने पिछले 12 दिनों से नेमरा में पारंपरिक विधि से दशकर्म का पालन किया।

मुख्यमंत्री का आभार

हेमंत सोरेन ने लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि लाखों लोगों की भागीदारी ने परिवार को दुःख की इस घड़ी में आत्मबल दिया।


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