छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल तेज, सरगुजा संभाग से दो विधायक रायपुर के लिए रवाना

सरगुजा से रायपुर पहुंचे विधायक राजेश अग्रवाल और प्रबोध मिंज

रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अचानक राजभवन पहुंचकर राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात करने के बाद अटकलों ने और जोर पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि साय ने शपथ लेने वाले नए मंत्रियों की सूची राज्यपाल को सौंप दी है।
सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज रायपुर के लिए रवाना हो गए हैं। दोनों के नाम मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बार साय सरकार में तीन नए मंत्रियों को जगह मिलेगी, जिनमें सरगुजा क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है।
सरगुजा में बढ़ी हलचल
राजेश अग्रवाल, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव को मात दी थी, और प्रबोध मिंज, जो दो बार महापौर और आयोग के सदस्य रह चुके हैं, को लेकर क्षेत्रीय राजनीति में उत्साह और हलचल बढ़ गई है। दोनों के रायपुर रवाना होने के बाद सरगुजा संभाग में सियासी चर्चाएं चरम पर हैं।
साय के विदेश दौरे से पहले विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुबह मीडिया से चर्चा में संकेत दिया था कि मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होगा। उन्होंने कहा था कि यह विस्तार उनके विदेश दौरे (22 अगस्त से पहले) से पूर्व ही संभव है। जानकारों के मुताबिक भाजपा हाईकमान से मंजूरी मिल चुकी है और 18 अगस्त तक मंत्रिमंडल विस्तार तय है।
हरियाणा फॉर्मूले पर विस्तार
छत्तीसगढ़ में 90 विधायक हैं और नियमों के तहत 15 प्रतिशत यानी 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब तक 13 मंत्री रहे हैं, लेकिन हरियाणा की तरह छत्तीसगढ़ में भी 14 मंत्रियों का फॉर्मूला लागू कर तीन नए चेहरे शामिल करने की तैयारी है।
नए समीकरणों में उभरे नाम
चर्चा में अब तक रहे अमर अग्रवाल, राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा जैसे नामों के बीच अब नए नामों ने जोर पकड़ा है। इनमें अंबिकापुर के राजेश अग्रवाल, आरंग के गुरु खुशवंत सिंह और दुर्ग के गजेंद्र यादव का नाम प्रमुख है।
- गुरु खुशवंत सिंह : सतनामी समाज से आते हैं और भंडारपुरी गद्दी के उत्तराधिकारी हैं। भाजपा चाहती है कि उन्हें मंत्री बनाकर अनुसूचित जाति समाज में अपनी पकड़ मजबूत करे।
- राजेश अग्रवाल : वैश्य समाज से आते हैं। बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद समाज को प्रतिनिधित्व दिलाने की मांग तेज है।
- गजेंद्र यादव : आरएसएस से जुड़े हुए विधायक, यादव समाज का समर्थन साधने के लिए उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
अब सभी की निगाहें रायपुर पर टिकी हैं, जहां अगले कुछ दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ भाजपा सरकार के नए समीकरण स्पष्ट हो जाएंगे।



