अन्तर्राष्ट्रीय

पाकिस्तान में बारिश और बाढ़ से तबाही: 300 से अधिक की मौत, राहत कार्यों में मुश्किलें

इस्लामाबाद // पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में लगातार हो रही भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाकों में बादल फटने, बिजली गिरने और भूस्खलन की घटनाओं ने सैकड़ों घरों को मलबे में बदल दिया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा प्रभावित बूनर जिला

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बूनर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को अचानक बादल फटने से पानी का सैलाब गांवों की ओर उमड़ पड़ा। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते दर्जनों गांव बाढ़ में समा गए। अकेले बूनर जिले में ही 180 से ज्यादा मौतों की पुष्टि हुई है। कई परिवार बेघर हो गए हैं और राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।

रेस्क्यू अभियान पर मौसम की मार

प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, सेना और नागरिक राहत टीमें लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं और खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन लगातार खराब मौसम राहत कार्यों में बड़ी बाधा बना हुआ है। शुक्रवार को एक रेस्क्यू हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया, जिसमें पांच क्रू मेंबर की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

जलवायु परिवर्तन से आपदाओं की रफ्तार तेज

मौसम विभाग का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते पाकिस्तान में इस तरह की आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश का असर सीधे निचले क्षेत्रों पर पड़ता है और अचानक आई बाढ़ लोगों को संभलने का वक्त तक नहीं देती। वहीं, नदियों और नालों के किनारे अनियंत्रित निर्माण और कचरे के ढेर ने पानी के बहाव को और भी अवरुद्ध कर दिया है, जिससे तबाही का पैमाना और बढ़ गया।

सरकार की आपात बैठक, लेकिन मदद की कमी

पाकिस्तान सरकार ने आपात बैठक बुलाकर प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात बेहद गंभीर हैं और सैकड़ों परिवारों को तत्काल मदद की जरूरत है।


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